नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय स्विट्जरलैंड के दावोस में हैं। उन्होंने गुरुवार को दावोस में बोर्ड ऑफ पीस चार्टर में हिस्सा लेते हुए हमास को कड़ी चेतावनी दी। ट्रंप ने साफ कह दिया है कि अगर हमास हथियार नहीं डालता है तो उसे उड़ा दिया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि अगर हमास ने हथियार नहीं डाले तो अमेरिका उसका खात्मा कर देगा।
8 युद्ध रुकवाए हैं…एक युद्ध जल्द सुलझने जा रहा है…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पीस बोर्ड की साइनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक है। यह गाजा पीस बोर्ड के आधिकारिक गठन का मौका है। मिडिल ईस्ट में शांति है लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। इस दौरान ट्रंप ने फिर से युद्ध रुकवाने का राग भी अलापा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने आठ युद्ध रुकवाए हैं। मुझे लगता है कि एक और युद्ध जल्द ही सुलझने जा रहा है।
#WATCH | Davos, Switzerland: US President Donald Trump participates in the Board of Peace Charter.
He says, “We have one of the most important meetings of all, the official formation of what is known as the Board of Peace. We have peace in the Middle East. Nobody thought that… pic.twitter.com/aIAXIhO0mQ
— ANI (@ANI) January 22, 2026
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को कड़े लहजे में चेतावनी दी है। इससे पहले भी ट्रंप हमास को खत्म करने की बात कह चुके हैं। इस बार ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से इतर गाजा केंद्रित शांति पीस बोर्ड की साइनिंग सेरेमनी की अध्यक्षता करते हुए हमास को यह कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर यह संगठन अपने हथियार त्यागने पर सहमत नहीं होता तो अमेरिका उसका खात्मा कर देगा। ट्रंप ने हमास को यह चेतावनी कई वैश्विक नेताओं और प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति में दी।
ट्रंप ने इजराइल और हमास के बीच युद्ध में सीजफायर बनाए रखने की कोशिशों का नेतृत्व करने के लिए अपने बोर्ड ऑफ पीस का उद्घाटन किया। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस संस्था का हिस्सा हर कोई बनना चाहता है जो आखिरकार संयुक्त राष्ट्र को टक्कर दे सकती है। उन्होंने कहा कि चाहे अमेरिका के कई सहयोगी इसमें शामिल न होने का फैसला कर रहे हों लेकिन यह संस्था संयुक्त राष्ट्र को टक्कर दे सकती है। इसके साथ ही ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की अपनी धमकियों से पीछे भी हटे हैं।

















