राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रख्यात संत महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत बुधवार को अचानक खराब हो गई। उल्टी-दस्त और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत सामने आने के बाद मणिराम दास छावनी स्थित उनके निवास पर डॉक्टरों की टीम ने जांच की। महाराज की उम्र और पहले से चली आ रही बीमारियों को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बिना देरी किए हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल ले जाया गया।
दो दिनों से भोजन न करने के कारण बढ़ी कमजोरी
महाराज के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने बताया कि महंत जी बीते दो दिनों से भोजन ग्रहण नहीं कर पा रहे थे, जिससे उनकी कमजोरी काफी बढ़ गई थी। इसी बीच रात में उल्टी-दस्त शुरू हो जाने से उनकी हालत और बिगड़ती नजर आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रशासन और चिकित्सकों को सूचना दी गई, ताकि समय रहते उचित इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन और चिकित्सकों ने तुरंत संभाली स्थिति
महंत कमलनयन दास ने जिलाधिकारी निखिल टीकाराम गुंडे और श्रीराम अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी वाईपी सिंह को फोन कर महाराज की हालत से अवगत कराया। इसके बाद सेवानिवृत्त वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसके पाठक और श्रीराम अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. रामकिशोर आश्रम पहुंचे और महाराज का चेकअप किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर करने का निर्णय लिया।
एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस से लखनऊ रेफर
रेफर की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सुशील बालियान ने त्वरित कार्रवाई की। श्रीराम अस्पताल से एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एम्बुलेंस और वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरपी सागर के नेतृत्व में मेडिकल टीम को भेजा गया। मेडिकल टीम महाराज को सुरक्षित लखनऊ लेकर रवाना हो गई, जहां मेदांता अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
संत समाज और भक्तों में चिंता की लहर
महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही अयोध्या के संत समाज और देश-दुनिया में फैले उनके करोड़ों भक्तों में चिंता की लहर दौड़ गई। हनुमानगढ़ी के संतों और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अन्य सदस्यों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। सभी की नजरें अब डॉक्टरों की रिपोर्ट और महाराज के स्वास्थ्य में सुधार पर टिकी हैं।
पहले भी मेदांता में होता रहा है इलाज
गौरतलब है कि महंत नृत्य गोपाल दास महाराज लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। नियमित जांच और इलाज के लिए उन्हें पहले भी कई बार मेदांता अस्पताल लाया जाता रहा है। 88 वर्ष से अधिक की आयु होने के कारण उनका स्वास्थ्य अक्सर संवेदनशील बना रहता है, ऐसे में फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

















