पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध की कमर तोड़ने के लिए मंगलवार से पूरे राज्य में 72 घंटे का व्यापक अभियान शुरू किया है। इसे War On Gangsters Campaign नाम दिया गया है। इस अभियान का मकसद केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क, फंडिंग और संरक्षण तंत्र को पूरी तरह खत्म करना है।
पहले चरण में 12 हजार पुलिसकर्मी, 2000 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी दी कि इस अभियान के पहले चरण में करीब 12,000 पुलिसकर्मी एक साथ लगभग 2,000 स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि पंजाब में गैंगस्टरों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यह अभियान पूरी रणनीति और निगरानी के साथ चलाया जा रहा है, जिसकी निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री कर रहे हैं।
राज्य से बाहर बैठे गैंगस्टरों की वापसी के लिए विशेष सेल गठित
डीजीपी ने बताया कि राज्य से बाहर सक्रिय गैंगस्टरों को वापस लाने और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आईजी आशीष चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष सेल बनाई गई है। इस सेल में पुलिस की सभी ऑपरेशनल विंग्स के अधिकारी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों को ट्रैक कर उन्हें कानून के दायरे में लाना है।
क्रिमिनल फाइनेंसिंग पर भी सीधा वार, एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन शुरू
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि क्रिमिनल फाइनेंसिंग यानी गैंगस्टरों को पैसा पहुंचाने वाले नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन की शुरुआत की गई है, ताकि आम नागरिक बिना डर के जानकारी दे सकें। राज्य सरकार ने गैंगस्टरों की गिरफ्तारी के लिए 10 करोड़ रुपये की इनामी राशि भी मंजूर की है।
गोल्डी बराड़ से जुड़े उगाही मॉड्यूल का भंडाफोड़
इस अभियान से पहले ही लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी। 18 जनवरी को पुलिस ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़े एक उगाही मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई तीन सप्ताह तक चली एक केंद्रित ऑपरेशन का नतीजा थी।
विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद, कानून व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश
गिरफ्तार आरोपियों के पास से विदेशी हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ, जिसमें ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक पिस्तौल समेत कई अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ये आरोपी अवैध हथियार तस्करी, उगाही और सुनियोजित हत्याओं में शामिल थे और राज्य में अराजकता फैलाने की साजिश रच रहे थे। इस मामले में BNS और Arms Act के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच जारी, संगठित अपराध के सफाए का संकल्प
पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। बाकी बचे सहयोगियों और नेटवर्क को पकड़ने के लिए जांच लगातार जारी है। Punjab Police ने दोहराया है कि राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह कुचलने का संकल्प लिया गया है।
क्या बोले DGP..?
इस पूरे अभियान को लेकर पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने एक्स पर पोस्ट करके कहा- आज, पंजाब पुलिस ने एक एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन शुरू की है, जिसमें लोगों से 93946-93946 पर सीधे जानकारी शेयर करके वांछित अपराधियों को पकड़ने में मदद करने के लिए सहयोग मांगा गया है।
सभी जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा, और सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
गैंगस्टरों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर ₹10 लाख तक का नकद इनाम दिया जाएगा।
गैंगस्टर से जुड़े किसी भी अपराध की स्थिति में, लोगों से अनुरोध है कि वे अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की मदद करने के लिए तुरंत जानकारी शेयर करें।

















