नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया आह्वान- “जब लोग पढ़ते हैं तब राष्ट्र आगे बढ़ता है” से प्रेरित होकर आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस के शुभ अवसर पर श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानन्द सभागार में त्रि-भाषी पत्रिका ‘अस्मिता’ का भव्य विमोचन संपन्न हुआ।
पत्रिका का अनावरण संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक एवं डॉ बालमुकुन्द पाण्डेय, राष्ट्रीय संगठन सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। ग्लोबल संस्कृत फोरम और विदुषी समूह द्वारा शुरू की गई यह पत्रिका संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में भारतीय ज्ञान परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
आयोजन में ग्लोबल संस्कृत फोरम, विदुषी समूह और विश्वविद्यालय के अद्वैत वेदान्त विभाग ने संयुक्त रूप से सहभागिता की।
प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने अपने सन्देश में कहा कि जो जोश भरने का काम करता है वह युवा है। स्त्री को अबला न मानकर प्रबला मानकर जब समाज कार्य करेगा तभी सशक्तीकरण के इस युग में महिलाओं का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। डॉ. बालमुकुन्द पाण्डेय ने कहा कि ऐसी पत्रिकाएं भारतीय संस्कृति को जीवित रखने में सहायक होती हैं। समाज में सबसे बलवान शक्तिमान् प्रज्ञावान् मातृशक्ति है। कार्यक्रम में आईसीपीआर के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्रा ने युवाओं की चेतना शक्ति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम प्रो दयाशंकर तिवारी, प्रो सन्ध्या राठौर, प्रो कमला भारद्वाज आदि अनेक गणमान्य अतिथियों से शोभायमान रहा।
टीम का सराहनीय योगदान:
कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में डॉ. निधि वेदरत्न और आयोजन सचिव ज्योत्स्ना जी बंसल का मार्गदर्शन और परिश्रम सराहनीय रहा। साथ ही डॉ. प्रियंका मडिया, डॉ. संगीता शर्मा, डॉ. नीरजा शर्मा ने आयोजन सचिव के रूप में पूरे कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक प्रबंधन किया। संयोजक प्रो. विष्णुपद महापात्रा ने कार्यक्रम के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों और आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया।

















