भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी नेता आरडी प्रजापति ने कथावाचकों के खिलाफ अभद्र बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया। एससी-एसटी ओबीसी महासम्मेलन और संविधान बचाओ आरक्षण बचाओ जनाक्रोश महाआंदोलन के मंच से संत रामभद्राचार्य, अनिरुद्धाचार्य व धीरेंद्र शास्त्री पर हमला बोलते हुए उन्होंने फांसी, जूतों की माला पहनाने और नंगा घुमाने जैसी सजाएं सुझाईं। महिलाओं को प्लॉट बताकर की गई टिप्पणी पर इस वक्त सोशल मीडिया पर भारी गूंज सुनाई दे रही है। प्रजापति के वीडियो वायरल होने से राजनीतिक मर्यादा पर बहस छिड़ गई है।
उल्लेखनीय है कि आरडी प्रजापति छतरपुर की चंदला विधानसभा से 2013 में विधायक रहे। समाजवादी पार्टी ने उन्हें 2024 में टीकमगढ़ लोकसभा से चुनावी मैदान में उतारा, लेकिन हार गए थे। विवादित आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में आयोजित भोपाल के इस कार्यक्रम में प्रजापति ने मंच से कहा, आज बहन बेटियों की इज्जत लुट रही है, इसके दोषी पांच बाबा हैं। ये करोड़ों की भीड़ में बहन बेटियों को गाली देते हैं। संत रामभद्राचार्य के एक बयान पर प्रजापति ने उनकी माता का अपमानजनक जिक्र किया और उन्हें अभद्रा कहा।
संतों पर अनर्गल प्रलाप
अनिरुद्धाचार्य के 25 साल की लड़कियों वाले बयान पर भड़कते हुए बोले, “एक बाबा लाली लगाकर कहता है हमारी बहन-बेटियां 25 साल की उम्र में मुंह मारकर आती हैं, अपनी जवानी उतार कर आती हैं, उनके ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं? मैं चाहता हूं उनको फांसी दी जाए, ऐसे संतों को जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए जो व्यास पीठ से बोलते हैं।”
विवादित बयान देते हुए आरडी प्रजापति ने यहां तक कह दिया कि “बहन-बेटियां अब प्लॉट हो गई हैं, कोई भी 100 बार रजिस्ट्री कराओ, 1000 बार रजिस्ट्री कराओ।” प्रजापति ने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाला वर्ग हाशिए पर है, जबकि धर्म चंदे वाले मलाई खा रहे हैं। दरअसल ये बयान अत्यंत आपत्तिजनक हैं।
भाजपा ने किया कड़ा विरोध
भाजपा समेत कई संगठनों ने प्रजापति के इस मानसिक दिवालिएपन का विरोध किया है। वीडियो वायरल होने पर सोशल मीडिया यूजर्स कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हैशटैग अरेस्ट आरडी प्रजापति ट्रेंड कर रहा है। महिला संगठन इसे स्त्री विरोधी बता रहे हैं।
अनेक संगठन एक ही बात कह रहे हैं कि इस बयान की कठोर निंदा होनी चाहिए। सार्वजनिक जीवन में ऐसी अभद्रता अस्वीकार्य है। फांसी जूतों की माला जैसी धमकियां हिंसा भड़काती हैं। महिलाओं को प्लॉट कहना समाज की संवेदनशीलता का अपमान है। कथावाचक आध्यात्मिक मार्ग दिखाते हैं, उनके विवादित बयानों पर तर्क से जवाब दें, न कि इस तरह हिंसात्मक लोगों को उकसानेवाले बयान देकर बरगलाने का काम हो। समाजवादी पार्टी को प्रजापति पर कार्रवाई करनी चाहिए। मध्य प्रदेश सरकार जांच कर एफआईआर दर्ज करे।

















