कनाडा के वैंकूवर इलाके में एक ट्रेन में सोते हुए शख्स पर आग लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोपी का नाम सुकबिंदर सिंह सोगी है, जो भारतीय मूल का 37 साल का व्यक्ति है और सरे में रहता है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना कब और कहाँ हुई
ये वाकया 16 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 3 बजे हुआ। स्काईट्रेन वैंकूवर से बर्नाबी की तरफ जा रही थी। एक आदमी ट्रेन में सो रहा था। आरोप है कि सुखबिंदर सोगी ने कथित तौर पर उसकी कपड़ों पर कोई तरल पदार्थ डाला और उसे आग लगाने की कोशिश की।
पकड़ा गया आरोपी
ट्रेन में मौजूद कुछ अन्य यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने आरोपी को पकड़ा, ट्रेन से बाहर निकाला और पैटरसन स्काईट्रेन स्टेशन पर उसे रोककर रखा। पुलिस आने तक वे उसे वहीं होल्ड किए रहे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि अच्छी बात ये रही कि सौभाग्य से पीड़ित को कोई गंभीर चोट नहीं आई। कपड़ों पर तरल डाला गया था और आग लगाने की कोशिश हुई, लेकिन यात्रियों की वजह से आग नहीं लग पाई। पीड़ित एक आम यात्री था, जिसके बारे में ज्यादा डिटेल्स नहीं बताई गईं।
क्या हैं आरोप
मेट्रो वैंकूवर ट्रांजिट पुलिस और ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने सुकबिंदर सोगी पर ये मुख्य आरोप लगाए हैं:
- असॉल्ट विद वेपन (हथियार के साथ हमला)
- जान को खतरा पैदा करने वाला नुकसान
- पोजेशन ऑफ इंसेंडियरी मटेरियल
पुलिस के मुताबिक, सोगी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। कोर्ट रिकॉर्ड्स में उसकी हिंसक हरकतें दर्ज हैं, जिनमें आग लगाने (आर्सन) और हथियार रखने के मामले शामिल हैं। अभी भी उसके खिलाफ कुछ पुराने केस चल रहे हैं, जैसे आर्सन, लाइफ-एंडेंजरिंग मिसचीफ और बार-बार कानून तोड़ने के उल्लंघन।
पुलिस का बयान
मेट्रो वैंकूवर ट्रांजिट पुलिस की प्रवक्ता कांस्टेबल अमांडा स्टेड ने कहा कि ये एक डरावना वाकया था, लेकिन अच्छा हुआ कि पीड़ित को गंभीर चोट नहीं आई। उन्होंने उन यात्रियों की तारीफ की जिन्होंने पीड़ित की मदद की और आरोपी को पकड़कर रखा। पुलिस ने ये भी कहा कि किसी को खुद को खतरे में डालने की जरूरत नहीं, लेकिन इन बायस्टैंडर्स की बहादुरी और मददगारी को सलाम किया जाना चाहिए। ये घटना स्काईट्रेन में यात्रा करने वालों के लिए चिंता की बात है, खासकर जब कोई सो रहा हो। आरोपी अभी हिरासत में है और उसकी अगली कोर्ट डेट जनवरी में आने वाली है।











