डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति और पुनर्निर्माण के लिए एक नया बोर्ड बनाया है, जिसका नाम ‘बोर्ड ऑफ पीस’ रखा गया है। यह बोर्ड गाजा के पोस्ट-वॉर दौर में पुनर्निर्माण, गवर्नेंस और स्थिरता की अगुवाई करेगा। व्हाइट हाउस ने 16 जनवरी 2026 को इसकी घोषणा की। ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।
बोर्ड का गठन और उद्देश्य
यह बोर्ड अमेरिका द्वारा ब्रोकर किए गए 20-पॉइंट पीस प्लान के दूसरे फेज का हिस्सा है। पहला फेज अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था, जिसमें हमास के पास बचे सभी बंधकों की रिहाई हुई और इजरायल-हमास के बीच लड़ाई रुकी। अब दूसरा फेज चल रहा है, जिसमें गाजा का पुनर्निर्माण, इकोनॉमिक रिकवरी और ट्रांजिशनल गवर्नेंस पर फोकस है। बोर्ड का काम होगा गाजा को स्थिर करना, इंटरनेशनल रिसोर्सेज जुटाना और अकाउंटेबिलिटी सुनिश्चित करना।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, बोर्ड के हर मेंबर को एक खास पोर्टफोलियो मिलेगा। इसमें गवर्नेंस क्षमता बढ़ाना, क्षेत्रीय संबंध, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षित करना और बड़े पैमाने पर फंडिंग और कैपिटल मोबिलाइजेशन करना होगा। ट्रंप ने इसे “सबसे महान और सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड” बताया है, जो कभी भी, कहीं भी बनाया गया हो।
बोर्ड के मुख्य सदस्य
यह एक सात सदस्यीय फाउंडिंग एग्जीक्यूटिव बोर्ड है। इसमें शामिल हैं:
- मार्को रुबियो (अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट)
- टोनी ब्लेयर (पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री)
- जैरेड कुश्नर (ट्रंप के दामाद और सलाहकार)
- स्टीव विटकॉफ (ट्रंप के विशेष दूत और रियल स्टेट कारोबारी)
- अजय बंगा (वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट)
- मार्क रोवन (बिजनेस लीडर)
- रॉबर्ट गेब्रियल (ट्रंप एडवाइजर)
ट्रंप ने एरियेह लाइटस्टोन और जोश ग्रुएनबॉम को सीनियर एडवाइजर्स बनाया है, जो दिन-प्रतिदिन की स्ट्रैटेजी और ऑपरेशंस देखेंगे। गाजा में अन्य अहम नियुक्तियां
निकोलाय म्लादेनोव (बुल्गारियाई राजनीतिज्ञ और मध्य पूर्व के लिए संयुक्त राष्ट्र पूर्व विशेष दूत) को हाई रिप्रेजेंटेटिव फॉर गाजा बनाया गया है। मेजर जनरल जास्पर जेफर्स (पूर्व US स्पेशल फोर्सेस हेड) को इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) का कमांडर बनाया है। यह फोर्स गाजा में सिक्योरिटी, डिमिलिटराइजेशन और ह्यूमैनिटेरियन एड की सुरक्षित डिलीवरी देखेगी।
फिलिस्तीनी पक्ष की भूमिका
गाजा के दिन-प्रतिदिन के कामकाज के लिए एक 15 सदस्यीय फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेटिक कमिटी बनाई गई है, जिसके हेड अली शा’अथ हैं। शा’अथ गाजा के मूल निवासी हैं और पहले फिलिस्तीनी अथॉरिटी में डिप्टी मिनिस्टर रह चुके हैं। उन्हें पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, इकोनॉमिक डेवलपमेंट और इंटरनेशनल एंगेजमेंट में अनुभव है। कमिटी को नेशनल कमिटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) कहा जा रहा है, जो गैर राजनीतिक और टेक्नोक्रेटिक है।
मौजूदा हालात
गाजा में युद्ध के बाद भारी तबाही हुई है। हजारों घर, ग्रीनहाउस और स्ट्रक्चर्स ध्वस्त हो चुके हैं। सीजफायर के बाद भी कुछ इलाकों में इजरायल द्वारा डेमोलिशन जारी है। ह्यूमैनिटेरियन एड की कमी बनी हुई है और कभी-कभी हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। हमास ने अभी तक पूर्ण डिसआर्ममेंट पर सहमति नहीं जताई है, जो इजरायल की बड़ी डिमांड है। ट्रंप ने हमास से आखिरी इजरायली कैदी (रान ग्विली) के शव की वापसी और डिमिलिटराइजेशन की मांग की है।
















