महाराष्ट्र में लंबे इंतजार के बाद 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी 2026 को हुए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की रही, जहां करीब 9 साल बाद मतदान हुआ है। ऐसा इसलिए भी बीएमसी एशिया की सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका सालाना बजट 74,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। बीएमसी चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाली महायुति जीत की ओर आगे बढ़ रही है।
227 सीटों वाली BMC में 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। अभी तक 100 से अधिक वार्डों के रुज्ञान सामने आ रहे हैं। इसमें से 46 वार्डों में भाजपा आगे चल रही है। जबकि 36 वार्डों में आगे चल रही उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी से टक्कर है। वहीं 16 सीटों पर शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना आगे चल रही है। जबकि, कांग्रेस पांच वार्डों पर आगे चल रही है।
पूरे राज्य में कुल 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए 15,931 उम्मीदवार मैदान में थे। राज्यभर में लगभग 3.48 करोड़ मतदाता थे। बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं, जहां 1,700 से ज्यादा उम्मीदवार लड़े। मतदान 15 जनवरी को हुआ और नतीजे 16 जनवरी सुबह 10 बजे से गिनती शुरू हुई। मतदान प्रतिशत इस बार 2017 से कम रहा। शाम 5:30 बजे तक बीएमसी में 52.90% वोटिंग हुई, जबकि 2017 में यह 55.53% था। पूरे राज्य में औसतन 46-50% के बीच मतदान रहा। कुछ जगहों पर जैसे कोल्हापुर में 50.85% तक पहुंचा, लेकिन मुंबई में दक्षिण मुंबई समेत कई इलाकों में कम दिखा। चार दिन की छुट्टियों की वजह से भी कई लोग वोट देने नहीं निकले।
गठबंधन और पार्टियां कैसे लड़ीं
इस चुनाव में गठबंधन काफी बदले। भाजपा की अगुवाई वाली महायुति (शिंदे की शिवसेना के साथ) एक तरफ थी। दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भाई एक साथ आए, यानी शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस का गठबंधन। कांग्रेस ने मुंबई में एमवीए छोड़कर वंचित बहुजन आघाड़ी और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ हाथ मिलाया। नागपुर में कांग्रेस अकेली लड़ी। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राकांपा के अलग-अलग गुटों ने भी गठबंधन किया।
मतगणना कैसे हुई
बीएमसी में मतगणना 23 केंद्रों पर हुई। इस बार 2017 की तरह सभी वार्ड एक साथ नहीं गिने गए, बल्कि चरणबद्ध तरीके से दो-दो वार्ड एक साथ। कुल 2,299 अधिकारी-कर्मचारी लगे। पोस्टल बैलट पहले गिने गए, फिर ईवीएम। बीएमसी के अलावा पुणे (162 सीटें), नागपुर (151), ठाणे (131), नवी मुंबई (111), कल्याण-डोंबिवली (122), वसई-विरार (115) जैसे बड़े नगर निगमों में भी चुनाव हुए।
कुल 29 निगम
छत्रपति संभाजीनगर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, उल्हासनगर, मीरा-भायंदर, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहमदनगर, धुले, जालना, इचलकरंजी, परभणी, पनवेल आदि।
















