नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को जयपुर में कहा कि किसी भी आक्रमण का जवाब देने के लिए भारतीय सेना हर समय तैयार है। सेना आधुनिकतम तकनीक का उपयोग कर रही है। तकनीक में जैसे-जैसे बदलाव आता रहेगा सेना भी स्वयं को तकनीकी रुप से अपडेट करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने देश सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया है।सेना को भविष्य के लिए ऐसी हथियार प्रणालियां और उपकरण चाहिए जो भारत में ही डिजाइन और विकसित हों।
#1. लंबी लड़ाई लड़नी है तो सेना के उपकरण देश में ही बनने चाहिए
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना की तेज प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और सटीक कार्रवाई की क्षमता को दर्शाया है। पिछले कुछ सालों में सेना की सोच में स्पष्ट बदलाव आया है। हम केवल वर्तमान चुनौतियों पर ही नहीं बल्कि भविष्य के युद्धों की तैयारी में भी गंभीरता से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम किसी युद्ध की लंबाई के बारे में नहीं बता सकते हैं। आपरेशन सिंदूर चार दिन चला तो यूक्रेन रुस युद्ध चार साल से चल रहा है। ऐसे में अगर देश को लंबी लड़ाई लड़नी है तो सेना का साजो-सामान देश में ही बनना चाहिए। साथ ही जरूरत पड़ने पर उसकी रिपेयरिंग भी भारत में ही होनी चाहिए।
#2. इन्फेंट्री और स्पेशल फोर्स के बीच के गैप को कवर करती है भैरव बटालियन
सेना प्रमुख ने कहा कि आज की लड़ाइयों में छोटी टुकड़ियां बड़ी टुकडियों के मुकाबले अधिक प्रभावी साबित हो रही हैं। पहले से बनी यूनिट्स में बदलाव की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी होती है। जबकि नई बनाई गई यूनिट्स तेजी से बदलाव अपना लेती हैं। इसी सोच के तहत भैरव बटालियन को खड़ा किया गया है। यह बटालियन सामान्य इन्फेंट्री और स्पेशल फोर्स के बीच के गैप को कवर करती है। परेड में भैरव बटालियन ने जिस तरह अपनी क्षमता दिखाई है, उसे देखते हुए अगर ऐसी 25 बटालियन खड़ी कर दी जाएं, तो पारंपरिक इन्फेंट्री की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
#3. भविष्य के युद्धों को लेकर गंभीरता से काम कर रही है सेना
सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारतीय सेना की सोच में साफ बदलाव आया है। सेना अब सिर्फ मौजूदा चुनौतियों तक सीमित नहीं है बल्कि भविष्य के युद्धों की तैयारी पर भी गंभीरता से काम कर रही है। इस परिवर्तन प्रक्रिया के तहत भैरव बटालियन, अग्नि प्लाटून्स, शक्ति बाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी जैसी नई इकाइयां खड़ी की गई हैं। जिनकी झलक आर्मी डे परेड में देखने को मिली।
#4. आज ड्रोन 800 किमी तक जाने की क्षमता रखता है
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आज ड्रोन 400 मीटर से 800 किलोमीटर तक जाने की क्षमता रखता है। आईडीईएक्स और अदिति स्कीम जैसी योजनाओं के जरिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। जब नया इक्विपमेंट सेना की जरूरतों पर खरा उतरता है तो उसके ऑर्डर चार से छह गुना तक बढ़ाए जा सकते हैं। इसे नई डिफेंस प्रोसीजर में और आगे बढ़ाने की तैयारी है। सेना प्रमुख ने ये बातें जयपुर में 78वें सेना दिवस परेड समारोह के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कही।
इससे पहले दिल्ली में सेना प्रमुख ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने 100 पाक सैनिक मारे थे। उन्होंने कहा था कि पहलगाम हमले के बाद हमने 22 मिनट के ऑपरेशन में स्ट्रैटेजी को रिसेट कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और पाकिस्तान की किसी भी हरकत का जवाब उसी तरह से दिया जाएगा।

















