भुवनेश्वर: राष्ट्रीय युवा दिवस और स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सोमवार को ओडिशा भर में देशभक्ति का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। राज्य के 16,000 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 21 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और एकता का संदेश दिया।
सुबह 11 बजे सरकारी और निजी सभी शैक्षणिक संस्थानों में एक साथ शुरू हुए इस आयोजन ने पूरे राज्य को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग तथा खेल एवं युवा सेवा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए इस पहल को राज्य के सबसे बड़े समन्वित देशभक्ति आयोजनों में बदल दिया। विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालय परिसरों तक हर जगह एक साथ उठी ‘वंदे मातरम्’ की स्वर-लहरियों ने राष्ट्रीय एकता और गौरव का सशक्त संदेश दिया।

उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा सेवा तथा ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री श्री सूर्यवंशी सूरज ने इस सामूहिक गायन को “ऐतिहासिक क्षण” करार दिया। उन्होंने कहा कि ओडिशा के युवाओं की सामूहिक आवाज़ देश के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता और मूल्यों के प्रति समर्पण को दर्शाती है। मंत्री ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई दी। यह सामूहिक गायन ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा घोषित विशेष कार्यक्रम का हिस्सा था। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीत के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प’ भी लिया, जिसमें उन्होंने आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रत्येक शैक्षणिक संस्था ने एक विद्यार्थी को ‘आत्मनिर्भर भारत एम्बेसडर’ नामित किया, जो अपने साथियों के बीच देशभक्ति और स्वावलंबन की भावना को बढ़ावा देगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य भर के युवा क्लबों ने भी इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की तैयारी के तहत पहले राज्यव्यापी ‘वंदे मातरम्’ प्रशिक्षण
अभियान चलाया गया था। ओडिशा को जयपुर, ब्रह्मपुर, बालेश्वरर, संबलपुर और भुवनेश्वर—इन पांच जोनों में विभाजित कर क्षेत्रीय स्तर पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, ताकि आयोजन सुचारु और एकरूप ढंग से संपन्न हो सके। व्यापक भागीदारी और सुव्यवस्थित योजना ने यह स्पष्ट किया कि ओडिशा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों की भावना में युवाओं के नेतृत्व और देशभक्ति को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय के वाणी विहार परिसर में भी राष्ट्रीय युवा दिवस और स्वामी विवेकानंद की जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने कार्यक्रम में भाग लेकर महान संत को श्रद्धांजलि अर्पित की और युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद को राष्ट्र-निर्माण की आधारशिला और सुदृढ़ नैतिक व चारित्रिक मूल्यों का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि स्वामीजी आज भी भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं और उनमें देश की किस्मत बदलने की क्षमता है। मुख्यमंत्री ने विवेकानंद की शिक्षा-दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन, श्रद्धा, आत्मविश्वास और ब्रह्मचर्य जैसे मूल्यों पर आधारित है। स्वामीजी ने वेदांत और आधुनिक पश्चिमी विज्ञान के समन्वय पर बल दिया, जो आज भी भारत की प्रगति के लिए प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार युवाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, कौशल विकास, प्रशिक्षण, खेल उत्कृष्टता और सांस्कृतिक गतिविधियों पर केंद्रित अनेक योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि खेलों में निरंतर निवेश और उपलब्धियों के कारण ओडिशा को देश की ‘खेल राजधानी’ के रूप में राष्ट्रीय पहचान मिली है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि ओडिशा के युवा आज वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन से पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘फिट इंडिया मिशन’ एक जन-आंदोलन बन चुका है, जो नागरिकों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम में एकाम्र-भुवनेश्वर विधायक श्री बाबू सिंह, उत्कल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यज्ञेश्वर दंडपाट, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव श्री अरविंद अग्रवाल तथा ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री विजय केतन उपाध्याय सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राज्य भर में ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन और उत्कल विश्वविद्यालय में हुए विचारोत्तेजक समारोह ने यह संदेश दिया कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श आज भी युवाओं को आत्मविश्वासी, सक्षम और नैतिक रूप से सुदृढ़ नागरिक बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं। कैप्शन: राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ओडिशा के सभी शैक्षणिक संस्थानों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन।

















