उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में स्थित अब्दुल गनी शाह की मजार को हटाया गया। ये मजार रेलवे ओवरब्रिज के पास सरकारी बंजर भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाई गई थी। उप जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद रविवार को मौके पर तीन बुलडोजर ध्वस्तीकरण के लिए लगाए गए। उल्लेखनीय है कि उप जिलाधिकारी के न्यायालय के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई।
इस मजार को हटाने के लिए काफी समय से विवाद चल रहा था। मजार को हटाने के लिए उप जिलाधिकारी के न्यायालय में वाद दायर किया गया था। वाद की सुनवाई पूरी होने पर उप जिलाधिकारी ने पाया कि सरकारी जमीन को कब्जा करके अवैध तरीके से मजार का निर्माण किया गया था। मजार का कोई नक्शा भी स्वीकृत नहीं कराया गया था।
उल्लेखनीय है कि इस मजार को हटाने के लिए देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। शलभ मणि ने अपने पत्र में लिखा था कि यह मजार सरकारी जमीन पर बनी है और यहां अवैध गतिविधियां होती हैं। विधायक के पत्र के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। उसके बाद त्वरित गति से उप जिलाधिकारी के न्यायालय में वाद की सुनवाई पूरी की गई।
















