Mandu Hill Station Madhya Pradesh: अगर आप किसी ऐसी जगह की सैर करना चाहते हैं जहां आप पुराने महल और किले देख सकें तो मांडू जा सकते हैं। यह जगह मध्य प्रदेश में विन्ध्याचल की पहाड़ियों पर स्थित है। मांडू हिल स्टेशन की सुंदरता पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर खिंचती है। यहां दूर-दूर तक फैले जंगल, पुराने किले और महलों के खंडहर टूरिस्टों को इस जगह की ऐतिहासिकता के बारे में सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
समुद्र तल से 2 हजार फीट की ऊंचाई पर है मांडू
मांडू किसी जमाने में आबाद था लेकिन अब यहां आपको खंडहर मिलेंगे। इसे खंडहरों का गांव भी कहा जाता है। इसका दूसरा नाम मांडवगढ़ है। यह जगह रानी रूपमती और बादशाह बाज बहादुर की अमर प्रेम कहानी की साक्षी है। मांडू समुद्र तल से करीब 2000 फीट की ऊंचाई पर है।
मांडू में क्या देखें?
मांडु का प्राचीन नाम शादियाबाद है। पर्यटक यहां खंडहरों, चट्टानों और पहाड़ों को देख सकते हैं। प्राचीन समय में मांडू में प्रवेश के 12 दरवाजे थे। जिनमें दिल्ली दरवाजा प्रमुख था। इसे ही मांडू का प्रवेश द्वार कहते थे। लेकिन अब यहां की सारी चीजें खंडहर हैं। टूरिस्ट अभी भी मांडू में रानी रूपमती का महल, हिंडोला महल, जहाज महल, और अशरफी महल के खंडहरों को देख सकते हैं।
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मांडू में परमार काल, सुल्तान काल, मुगल काल और पवार काल के शासकों ने राज किया। पर्यटक यहां के नीलकंठ शिव मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। नीलकंठ महल के खंडहर भी देख सकते हैं।












