पश्चिम बंगाल के शांतिपुर में एक कार्यशाला के बाहर लगभग 50 से 60 काली और सरस्वती माता की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। भाजपा ने इसे ममता बनर्जी के जंगल राज में सनातन धर्म पर एक और क्रूर हमला बताया। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने बुधवार (7 जनवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तोड़ी गई मूर्तियों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने दावा किया कि मूर्तिकार जयंत दास की कार्यशाला के बाहर हिंदू देवी की मूर्तियां तोड़ी गईं, जिन्हें पूजा करने के लिए बनाया गया था।
यह घटना हिंदू धर्म और कारीगरों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला: भाजपा
भाजपा नेता ने ममता के जंगल राज में सनातन धर्म पर एक और क्रूर हमला शीर्षक के साथ एक्स पर लिखा, “शांतिपुर के मातल गढ़ के पास लोकनाथ मंदिर के सामने, कुम्हार जयंत दास की कार्यशाला के बाहर उनके द्वारा बड़ी मेहनत से बनाई गई करीब 50-60 काली और सरस्वती की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बदमाशों ने आज सुबह पूजा के लिए बनाई गई इन पवित्र मूर्तियों को तोड़ दिया, जो हिंदू धर्म और कारीगरों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला है। यह घटना ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार में हिंदू विरोधी घृणा की बढ़ती लहर का हिस्सा है। सरशुना में मां काली की मूर्ति का सिर काट दिया गया, मंदिर बाजार में जगद्धात्री की मूर्ति का सिर धड़ से अलग कर दिया गया और अब सरस्वती माता की मूर्तियों को तोड़ दिया गया।”
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के राज में कट्टरपंथी फल-फूल रहे हैं। पुलिस उन्हें संरक्षण दे रही है और हिंदू अपना खून बहा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “पश्चिम बांग्लादेश की सच्चाई: मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है और मंदिरों में आग लगाई जा रही है, यह सब ‘दुधारू गाय’ यानी अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किया जा रहा है।” भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट के अंत में कहा कि बंगाल के हिंदू जाग गए हैं और गुस्से में हैं। 2026 में न्याय मिलेगा। सनातन का उदय होगा। ममता का कट्टरपंथी साम्राज्य ढहने वाला है।
पहले भी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया
दरअसल, यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के त्यौहारों पर हिंसक झड़पें हुई हैं। हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया है। रामनवमी के जुलूसों के दौरान कई बार हिंसक झड़पें हुई हैं, जिनमें पथराव, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इसको लेकर भाजपा टीएमसी सरकार पर पहले भी आरोप लगा चुकी है कि उनके राज्य में सनातन धर्म और हिंदू समुदाय सुरक्षित नहीं हैं। वहीं, इन घटनाओं में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

















