नई दिल्ली (हि.स.) । जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) सुरक्षा विभाग ने दिल्ली पुलिस को सबरमती हॉस्टल के बाहर कथित रूप से आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाने के मामले में शिकायत दी है। घटना सोमवार (5 जनवरी) रात की है और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने में एफआईआर दर्ज करने की मांग
जेएनयू सुरक्षा विभाग की ओर से आज इस संबंध में वसंत कुंज (नॉर्थ) थाना प्रभारी को पत्र भेज एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि 5 जनवरी की रात करीब 10 बजे सबरमती हॉस्टल के बाहर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
5 जनवरी 2020 की हिंसा की छठी बरसी के नाम पर कार्यक्रम
इसे जेएनयू में 5 जनवरी 2020 को हुई हिंसा की छठी बरसी के रूप में बताया गया। कार्यक्रम का शीर्षक “ए नाइट ऑफ रेज़िस्टेंस विद गोरिल्ला ढाबा” था और इसमें लगभग 30–35 छात्र मौजूद थे। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के छात्र संगठन की ओर से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम का स्वर बदलने का आरोप
पत्र के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत में यह आयोजन केवल बरसी मनाने तक सीमित प्रतीत था। हालांकि बाद में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर आए न्यायिक फैसले के बाद कार्यक्रम का स्वर बदल गया।
सुप्रीम कोर्ट की अवमानना जैसे नारे लगाने का आरोप
आरोप है कि इस दौरान कुछ छात्रों द्वारा अत्यधिक आपत्तिजनक, उकसाने वाले और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना के रूप में बताया गया है। पत्र में नौ छात्रों के नाम भी दिए गए हैं। जिनमें जेएनयू छात्र संघ की उपाध्यक्ष के. गोपिका का नाम भी शामिल है।
जेएनयू आचार संहिता के उल्लंघन की बात
सुरक्षा विभाग ने कहा है कि इस तरह के नारे लोकतांत्रिक असहमति की मर्यादा के विपरीत है। जेएनयू की आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं और इससे सार्वजनिक व्यवस्था, परिसर की शांति तथा विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
सोच-समझ कर बार-बार किया गया कृत्य
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नारे जानबूझकर और बार-बार लगाए गए, जिससे यह आकस्मिक नहीं बल्कि सोची-समझी कार्रवाई प्रतीत होती है।
घटना के समय सुरक्षा बलों की मौजूदगी
घटना के समय सुरक्षा विभाग के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर मौजूद थे और स्थिति पर नजर रखे हुए थे।
एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध
सुरक्षा विभाग ने पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है।
कुलपति और रजिस्ट्रार को भी भेजी गई प्रतिलिपि
इस पत्र की प्रतिलिपि कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय को भी भेजी गई है।













