बिहार का नाम आते ही सबसे पहले लोगों के दिमाग में जब भी बिहार का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले दिमाग में लिट्टी-चोखा आ जाता है। लेकिन सच यह है कि बिहार का खानपान सिर्फ इसी एक डिश तक सीमित नहीं है। बिहार की रसोई बहुत ही समृद्ध, सादी और स्वाद से भरपूर है। यहां के खाने में ज्यादा तामझाम नहीं होता, लेकिन स्वाद ऐसा होता है जो सीधे दिल तक पहुंचता है। यहां के लोग कम मसालों में भी कमाल का खाना बनाना जानते हैं।
बिहार के खाने की सबसे बड़ी खासियत है उसकी सादगी और पौष्टिकता। गांवों में बनने वाला खाना आज भी पारंपरिक तरीकों से तैयार किया जाता है, जिसमें शुद्धता और स्वाद दोनों का ध्यान रखा जाता है। आइए जानते हैं बिहार की 9 ऐसी शाकाहारी डिशेज के बारे में, जिन्हें एक बार खाने के बाद आप बार-बार खाना चाहेंगे। ज्यादा मसालेदार नहीं होता, लेकिन स्वाद में बहुत गहरा होता है। बिहार की रसोई में देसी अनाज, साग-सब्ज़ी और देसी घी का खूब इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं बिहार के 9 सबसे प्रसिद्ध शाकाहारी व्यंजनों के बारे में-
लिट्टी-चोखा
लिट्टी-चोखा बिहार की पहचान है। लिट्टी गेहूं के आटे से बनती है, जिसमें सत्तू भरा होता है। इसे उपले या कोयले पर सेंका जाता है। चोखा आलू, बैंगन या टमाटर से बनाया जाता है। देसी घी के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
सत्तू पराठा
सत्तू पराठा बहुत ही पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। इसमें भुने चने के आटे यानी सत्तू में प्याज, हरी मिर्च और मसाले मिलाकर पराठा बनाया जाता है। यह खासतौर पर नाश्ते में खाया जाता है।
खाजा
खाजा एक मीठा व्यंजन है, जो खासकर त्योहारों पर बनाया जाता है। यह परतदार होता है और ऊपर से चाशनी डाली जाती है। गया और सिलाव का खाजा बहुत प्रसिद्ध है।
चूड़ा-दही
चूड़ा–दही बिहार का बहुत सादा लेकिन स्वादिष्ट भोजन है। चावल से बने चूड़े को दही, गुड़ या चीनी के साथ खाया जाता है। यह खासकर गर्मियों में पसंद किया जाता है।
बेसन की सब्जी
यह सब्जी बेसन से बनाई जाती है और बिना ज्यादा सब्जी के भी तैयार हो जाती है। यह रोटी या चावल दोनों के साथ अच्छी लगती है। यह बिहार के घरों में अक्सर बनाई जाती है।
आलू-पोस्ते की सब्जी
इस सब्जी में आलू के साथ खसखस (पोस्त दाना) डाला जाता है। इसका स्वाद हल्का और बहुत खास होता है। यह चावल के साथ खूब पसंद की जाती है।
टेस्टी खिचड़ी
बिहार की खिचड़ी बहुत साधारण होती है लेकिन ऊपर से देसी घी डालते ही इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है। इसे चोखा, पापड़ और अचार के साथ खाया जाता है।
कचौरी
बिहार की कचौरी थोड़ी अलग होती है। इसमें सत्तू या दाल की भरावन होती है। इसे सुबह के नाश्ते में सब्ज़ी या चटनी के साथ खाया जाता है।
ठेकुआ
ठेकुआ एक पारंपरिक मीठा व्यंजन है, जो खासकर छठ पूजा में बनाया जाता है। यह गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बनता है। इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है। बिहार के शाकाहारी व्यंजन सादगी से भरपूर होते हैं। यहां का खाना न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी अच्छा होता है। अगर आप देसी और पारंपरिक खाने के शौकीन हैं, तो बिहार के ये व्यंजन जरूर चखने चाहिए।











