मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक भवन में 215 सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इसमें 104 सब-इंस्पेक्टर, 88 PAC ऑफिसर और 23 फायर ऑफिसर शामिल हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था, पब्लिक सेफ्टी और डिज़ास्टर मैनेजमेंट सिस्टम को मज़बूत करने में पुलिस की अहम भूमिका है। उन्होंने नए नियुक्त सब-इंस्पेक्टरों से कहा कि उनकी मुश्किल तो बस शुरुआत है; असली परीक्षा तो अब है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्मार्ट पुलिस” विज़न का ज़िक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस फ़ोर्स को मॉडर्न टेक्नोलॉजी, स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट इक्विपमेंट और बेहतरीन ट्रेनिंग देने के लिए कमिटेड है। पिछले तीन सालों में पुलिस कर्मचारियों के लिए घर के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, और कैशलेस हेल्थकेयर सुविधाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिला सुरक्षा में उत्तराखंड पुलिस के काम की तारीफ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिलाओं के खिलाफ़ क्राइम सुलझाने में नेशनल एवरेज से दोगुना काम किया है और होम मिनिस्ट्री की रिपोर्ट के मुताबिक, POCSO और महिलाओं के खिलाफ क्राइम के केस सुलझाने में देश में पांचवें नंबर पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त एंटी-चीटिंग कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले चार सालों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। राज्य में सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कार्मिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएँगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सचिव गृह शैलश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन, ए.पी अंशुमान, आईजी योगेन्द्र सिंह रावत एवं पुलिस के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

















