पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत को समर्पित सालाना शहीदी सभा संपन्न हो चुकी है, लेकिन अपने पीछे कई सवाल और मुद्दे छोड़ गई है। ये मुद्दे इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन्हीं में से एक मुद्दा इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें निहंग बाना धारण करे कुछ किशोर राहगीरों के सिर से गर्म टोपियां उतार, नेजे में टांग कर घूम रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर सिख संगत इस हरकत की जमकर आलोचना कर रही है।
सिख संगतों ने किया विरोध
बीते कुछ सालों से शहीदी सभा के दौरान निहंग बाना पहले किशोरों और युवाओं के द्वारा शहर में राहगीरों की टोपियां उतारने और अस्थायी दुकानदारों का सामान जबरन लेने के मामले सामने आ रहे हैं। जिसका सिख संगत विरोध करती आ रही है। इस साल एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई जिसमें निहंग बाना पहने हाथ में नेजा (भाला) लिये राहगीरों द्वारा ठंड में पहनी गर्म टोपियां उतार कर नेजे पर टांग के घूमते दिखाए दे रहे हैं।
निहंग संगठनों ने भी अनुचित बताया
इंटरनेट मीडिया पर वायरल शहीदी सभा की यह वीडियो आम खास बाग से ज्योति स्वरूप मोड़ के बीच की है। वीडियो में सिख संगत इसका विरोध करते हुए नजर आती है। निहंग बाने में टोपियां नेजे पर टांग कर घूमते किशोरों को शहीदी सभा में आई संगत टोकती है, तो ये उनसे बहस करते सुनाई देते हैं। ये कहते हैं कि तुम सरदार हो कर हमारा विरोध कर हो, इसके जवाब में सिख संगत का जवाब था कि हम सिख हैं इसलिये तुम्हारी गलत हरकत का विरोध कर रहे हैं। निहंग किशोरों की इंटरनेट मीडिया पर वायरल इस वीडियो की जमकर आलोचना हो रही है। निहंग जत्थेबंदियों ने भी इस हरकत को गैरवाजिब ठहराया है।
यह लोग पंथ को बदनाम करते हैं : एसजीपीसी मेंबर अवतार सिंह
एसजीपीसी मेंबर अवतार सिंह रिया इस हरकत को सिख मर्यादा के विपरीत मानते हैं। उनका कहना है कि गुरु साहिबान ने सभी धर्मों का सत्कार करते हुए गुरु घर के दरवाजे सभी के लिये खोले। आज कुछ लोग पंथ को गुमराह कर रहे हैं। शहीदी सभा के दौरान निहंग बाने में टोपियां उतारने वालों के लिये उन्होंने कहा कि संभवत: इन लोगों ने अमृत भी न छका हो, ये बहरूपिये हैं, जो पंथ को बदनाम कर रहे हैं। सिख संगत द्वारा किए जा रहे विरोध को भी रिया ने जायज ठहराया। उनका कहना था कि आने वाले समय में निहंग जत्थेबंदियों के साथ बात कर निहंग बाने में असमाजिक हरकतें करने वालों पर लगाम लगाई जायेगी। प्रशासन से भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिये कहा जायेगा। उनका कहना था कि सड़क पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं की ठंड में गर्म टोपियां उतरवाना किसी भी तरह से सिख मर्यादा के अनुरूप नहीं है, ये सरासर गुंडगर्दी है। जिसे प्रशासन को कानून के तहत रोकना चाहिये।
सिख संगत ने सर्दी में ठिठुरते बच्चों व युवाओं को पहनाए पटके
इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो देख मंगलवार को बठिंडा से यहां पहुंचे रिटायर्ड डीएसपी व समाज सेवी केवल सिंह ने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक हो श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने निहंग बाने में शहीदी सभा के दौरान की गई अमर्यादित हरकत के लिये क्षमा याचना की। उन्होंने नंबरदार यूनियन के सहयोग से बच्चों व युवाओं के सिर पर पटके सजाए। केवल सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी हरकत गुरु साहिब की शिक्षाओं के विपरीत है, जिसे जायज नहीं ठहराया जा सकता।














