प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नौसेना की जहाज INSV Kaundinya की तारीफ की है। ये जहाज प्राचीन भारतीय जहाज निर्माण तकनीक से बनाया गया है और अभी अपनी पहली विदेश यात्रा पर निकला है।INSV Kaundinya क्या है?
ये एक इंजन रहित नौसेना का सेलिंग जहाज है, जो पूरी तरह पारंपरिक तरीके से बनाया गया है। लंबाई करीब 19.6 मीटर (लगभग 65 फीट), चौड़ाई 6.5 मीटर और ड्राफ्ट 3.33 मीटर के आसपास है। इसमें कोई आधुनिक इंजन नहीं है, सिर्फ दो फिक्स्ड स्क्वेयर सेल और बड़ी-बड़ी चप्पू से चलता है। प्लैंक (लकड़ी की तख्तियां) को नारियल की रस्सी से सिलाई करके जोड़ा गया है और प्राकृतिक रेजिन से सील किया गया है। ये तकनीक सदियों पुरानी है, जो भारत के तटों और हिंद महासागर में इस्तेमाल होती थी।
प्रेरणा कहां से मिली?
इस जहाज को प्राचीन भारतीय जहाजों की तस्वीरों और चित्रों से प्रेरणा लेकर बनाया गया है, जैसे अजंता गुफाओं के 5वीं सदी के चित्रों और सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े प्रमाणों से। नाम कौंडिन्य रखा गया है, जो एक प्रसिद्ध प्राचीन भारतीय नाविक थे।
यात्रा का विवरण
29 दिसंबर 2025 को गुजरात के पोरबंदर से रवाना हुआ। मंजिल ओमान का मस्कट है। करीब 1400 किलोमीटर की दूरी तय करनी है, जिसमें 15 दिन लग सकते हैं। 18 नाविक इस पर सवार हैं। ये यात्रा प्राचीन व्यापार मार्गों को दोहराती है, जो भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ते थे।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट करके कहा कि ये जहाज भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दिखाता है। उन्होंने डिजाइनर्स, कारीगरों, जहाज बनाने वालों और भारतीय नौसेना को बधाई दी कि उन्होंने मिलकर इस अनोखे जहाज को जिंदा किया। क्रू सदस्यों को सुरक्षित और यादगार यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं।











