अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 दिसंबर 2025 को कहा कि अगर ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को फिर से खड़ा करने की कोशिश करता है, तो उसे बहुत भारी नतीजे भुगतने पड़ेंगे। ये बातें उन्होंने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहीं। ट्रंप ने कहा कि अभी ये बात पक्की नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स आ रही हैं कि ईरान नए साइट्स पर मिसाइल प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
ट्रंप के मुख्य बयान
ट्रंप ने कहा, “अब मुझे सुनने में आया है कि ईरान फिर से बिल्ड-अप करने की कोशिश कर रहा है। और अगर ऐसा है, तो हमें उन्हें नॉक डाउन करना पड़ेगा। हम उन्हें नॉक डाउन करेंगे। हम उनको बहुत बुरी तरह से नॉक डाउन करेंगे। लेकिन उम्मीद है कि ऐसा नहीं हो रहा।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं नहीं कहना चाहता, लेकिन ईरान शायद गलत बर्ताव कर रहा है। अभी ये कन्फर्म नहीं हुआ है, लेकिन अगर हुआ तो उन्हें पता है कि नतीजे क्या होंगे। नतीजे बहुत पावरफुल होंगे, शायद पिछली बार से भी ज्यादा। ईरान को पिछली बार डील कर लेनी चाहिए थी। मैंने उन्हें ऑप्शन दिया था।” ट्रंप ने ये भी कहा कि अगर ईरान मिसाइल या हथियार बना रहा है, तो वो पुरानी साइट्स का इस्तेमाल नहीं कर रहा, जो अमेरिका ने पहले तबाह कर दी थीं। बल्कि वो अलग-अलग जगहों पर काम कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान ऐसा नहीं कर रहा होगा।
ईरान की तरफ से जवाब
ईरान के सुप्रीम लीडर के एक टॉप पॉलिटिकल एडवाइजर अली शमखानी ने ट्रंप के बयानों पर तुरंत रिएक्ट किया। उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा कि ईरान पर कोई भी आक्रमण होगा, तो उसका जवाब “तुरंत और बहुत सख्त” होगा – वो जवाब इतना तेज होगा कि हमलावरों की सोच से भी बाहर होगा। शमखानी ने साफ कहा कि ईरान का मिसाइल कैपेबिलिटी और डिफेंस किसी की इजाजत या कंट्रोल पर नहीं टिका है।
इसे भी पढ़ें: ओवैसी ने बांग्लादेश में हिन्दुओं की लिंचिग पर कहा-“ISI, चीन जैसी भारत-विरोधी ताकतें सक्रिय”
पिछला बैकग्राउंड
इस साल जून में अमेरिका ने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था। इनमें फोर्डो शामिल था, जो बहुत गहराई में बनी हुई अंडरग्राउंड साइट है। वहां अमेरिकी B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स से छह 30,000 पाउंड के “बंकर बस्टर” बम गिराए गए थे। ट्रंप बार-बार कहते हैं कि इस ऑपरेशन से ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह “ऑब्लिटरेट” हो गया। लेकिन नेतन्याहू ने हाल में चेतावनी दी है कि ईरान अब बैलिस्टिक मिसाइल एक्टिविटीज को फिर बढ़ा रहा है। वो ट्रंप से बातचीत में इस पर और सख्त कदम की मांग करने वाले हैं। ईरान की तरफ से अभी तक कोई नई मिसाइल बिल्ड-अप की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स और इजरायली चिंताएं इसी को लेकर हैं।
ट्रंप ने ये भी कहा कि अगर ईरान मिसाइल प्रोग्राम जारी रखता है, तो अमेरिका इजरायल के किसी हमले का सपोर्ट करेगा। न्यूक्लियर प्रोग्राम के मामले में तो और भी तेज एक्शन होगा। मुलाकात में गाजा, हमास और वेस्ट बैंक जैसे मुद्दे भी चर्चा में थे, लेकिन मुख्य फोकस ईरान पर रहा।

















