दिल्ली में अब हवा की क्वालिटी फिर बिगड़ रही है। शनिवार शाम 6 बजे AQI 390 पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में आता है। चारों तरफ धुंध और कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी कम हो रही है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और सांस की बीमारी वाले लोगों को बाहर कम निकलने और मास्क इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग बता रहा है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस आने वाला है, जो हालात और खराब कर सकता है।
GRAP-4 के दो बड़े नियम अब परमानेंट
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को ऐलान किया कि GRAP-4 के दो बड़े नियम अब परमानेंट कर दिए गए हैं। यानी ये नियम अब हमेशा लागू रहेंगे, चाहे AQI कितना भी सुधर जाए।
पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं
अब दिल्ली में कहीं भी पेट्रोल या डीजल बिना वैलिड PUCC (Pollution Under Control Certificate) के नहीं मिलेगा। मंत्री सिरसा ने साफ कहा, “GRAP-4 के नियमों में से दो को हम परमानेंट कर रहे हैं। पहला ये कि PUCC के बिना आपको पेट्रोल नहीं मिलेगा, अगले ऑर्डर तक।” पेट्रोल पंपों पर चेकिंग और सख्त हो गई है। जिनके पास वैलिड PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें फ्यूल देने से मना कर दिया जाएगा।
गैर-BS6 वाहनों पर रोक
दिल्ली के बाहर से आने वाले वाहन जो BS6 स्टैंडर्ड के नहीं हैं, उन्हें शहर में एंट्री नहीं मिलेगी। सिरसा ने कहा, “दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड जो वाहन BS6 से नीचे के हैं, उन पर भी एंट्री रेस्ट्रिक्शन लगेगा।” मतलब पुराने BS4, BS3 वाले गाड़ियां, ट्रक वगैरह अब दिल्ली में आसानी से नहीं आ पाएंगे।
ये फैसले इसलिए लिए गए हैं क्योंकि वाहन प्रदूषण शहर की हवा को सबसे ज्यादा खराब करने वाले सोर्स में से एक है। सरकार का कहना है कि अब साल भर ये सख्ती बरती जाएगी ताकि बार-बार GRAP-4 जैसी सख्ती न लगानी पड़े। इसके अलावा कैबिनेट ने और कुछ अहम फैसले लिए हैं।
पानी की बॉडीज का रिजुविनेशन
दिल्ली में करीब 1000 पानी की बॉडीज हैं, जिनमें से 160 सरकार के अधीन हैं। इनकी सफाई और बहाली के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि इस काम को इस साल के अंदर पूरा किया जाए। मंत्री सिरसा ने कहा, “पानी की बॉडीज का रिजुविनेशन प्रदूषण कंट्रोल में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।”
देश का पहला ई-वेस्ट पार्क
दिल्ली में पहली बार ई-वेस्ट पार्क बनाने को मंजूरी मिल गई। ये होलंबी कलां में 11.5 एकड़ में बनेगा। पूरी तरह जीरो पॉल्यूशन और जीरो वेस्ट मॉडल पर चलेगा। यहां ई-कचरे को 100% रिसाइकल किया जाएगा और पानी को एडवांस सिस्टम से रीयूज किया जाएगा। सिरसा ने इसे “भारत का पहला स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ई-वेस्ट फैसिलिटी” बताया, जो पूरी तरह सर्कुलर इकोनॉमी पर आधारित होगा।
अभी GRAP के स्टेज III के नियम भी लागू हैं, जैसे कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्री एक्टिविटीज पर कुछ पाबंदियां। सरकार का फोकस है कि लोगों को कम से कम तकलीफ हो, लेकिन प्रदूषण पर लगाम लगे।

















