नई दिल्ली/ मंडी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का आरोप है कि कांग्रेस के राज में हिमाचल प्रदेश अराजकता का शिकार हो गया है। प्रदेश ने विकास नहीं बल्कि बिगड़ती कानून व्यवस्था, अराजकता और कर्ज के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं। BJP के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का कहना है कि कांग्रेस के कारण सूबा एक अत्यंत विकट दौर से गुजर रहा है। सुक्खू सरकार को तीन वर्ष से अधिक का समय हो चुका है लेकिन सूबे की स्थिति खराब होती जा रही है।
सूबे में खुलेआम गैंगवार दिखाती है कि कानून का भय खत्म हो चुका है
उन्होंने कहा कि नालागढ़ में हुई गैंगवार की घटना ने एक बार फिर सरकार की कार्यशैली की सच्चाई उजागर कर दी है। खुलेआम हथियारों का प्रयोग, गंडासियों से हमला और गैंगवार यह दर्शाते हैं कि सूबे में कानून का भय समाप्त हो चुका है। सरकारी संसाधनों—चाहे वह खनन हो, कबाड़ माफिया हो या अन्य प्राकृतिक संसाधन की लूट में हिस्सेदारी को लेकर एक ही सरकारी पक्ष से जुड़े गुट आपस में भिड़ रहे हैं। नालागढ़ की घटना कोई अपवाद नहीं है। इससे पहले ऊना, बद्दी, सिरमौर और कांगड़ा के नूरपुर जैसी घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि प्रदेश में अपराध, गोलाबारी और गैंगवार लगातार बढ़ रहे हैं। चंबा में दलित बालक की नृशंस हत्या से शुरू हुआ यह सिलसिला पूरे प्रदेश में फैल चुका है और सरकार इस पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रही है।
विकास ठप, जनता पर कर्ज का भारी बोझ डाल रही है सरकार
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन मुख्यमंत्री की छवि सुधारने के अभियान में ही व्यस्त है। पुलिस और अन्य विभागों का दुरुपयोग कानून व्यवस्था सुधारने के बजाय राजनीतिक छवि चमकाने में किया जा रहा है। तीन वर्षों में प्रदेश का जनमानस त्रस्त है लेकिन जनता की पीड़ा को समझने के बजाय सरकार ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है। सरकार ने एक और नकारात्मक कीर्तिमान स्थापित करते हुए 1000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। तीन वर्षों में लगभग 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर हिमाचल की जनता पर भारी बोझ डाल दिया गया है, जबकि विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों को लाभ होता है, वहां पैसा उपलब्ध है, लेकिन जनहित और विकास के लिए धन नहीं है। यह सरकार व्यवस्था परिवर्तन नहीं बल्कि व्यवस्था पतन की प्रतीक बन चुकी है। सूबे में अराजकता का माहौल है।













