अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में हुए पंचायत और नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन किया है। 15 दिसंबर को हुए मतदान के बाद राज्य चुनाव आयोग ने रिजल्ट घोषित किए, जिसमें बीजेपी ने ज्यादातर सीटों पर कब्जा जमाया। ये चुनाव जिला परिषद, ग्राम पंचायत, इटानगर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन और पासीघाट म्यूनिसिपल काउंसिल के लिए थे।
जिला परिषद के नतीजे
जिला परिषद की 245 सीटों में से बीजेपी ने 170 सीटें जीतीं, जिनमें 59 सीटें बिना मुकाबले ही मिल गईं। पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) को 28 सीटें मिलीं, कांग्रेस को सिर्फ 7, नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) को 5 (एक बिना मुकाबले) और बाकी इंडिपेंडेंट्स व अन्य को 23 सीटें। यहां बीजेपी की पकड़ जिला स्तर पर काफी मजबूत दिखी।
ग्राम पंचायत के नतीजे
ग्राम पंचायतों में तो बीजेपी का दबदबा और साफ नजर आया। कुल 8,208 सीटों में से पार्टी ने 6,085 सीटें हासिल कीं, जिनमें 5,211 बिना मुकाबले जीती गईं। पीपीए को 648 (386 बिना मुकाबले), इंडिपेंडेंट्स को 627 (280 बिना मुकाबले), कांग्रेस को 216 (111 बिना मुकाबले), एनसीपी को 396 (159 बिना मुकाबले), एनपीपी को 160 (81 बिना मुकाबले), लोक जनशक्ति पार्टी को 27 और आम आदमी पार्टी को सिर्फ 1 सीट मिली। ग्रामीण इलाकों में बीजेपी की जड़ें कितनी गहरी हैं, ये आंकड़े खुद बयान कर रहे हैं।
इटानगर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन
राजधानी इटानगर की म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में 20 वार्डों में से बीजेपी ने 14 पर जीत हासिल की। कांग्रेस यहां एक भी सीट नहीं जीत पाई। मतदान प्रतिशत करीब 51 फीसदी रहा, लेकिन बीजेपी का प्रदर्शन काफी मजबूत था।
पासीघाट म्यूनिसिपल काउंसिल
पासीघाट में थोड़ा अलग नजारा था। यहां 8 वार्डों में से पीपीए ने 5 जीते, बीजेपी को 2 और एक इंडिपेंडेंट को मिली। कांग्रेस फिर खाता नहीं खोल पाई। ये बीजेपी के लिए थोड़ा झटका जैसा रहा, लेकिन कुल मिलाकर राज्य स्तर पर पार्टी की पोजीशन मजबूत ही है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने लोगों का शुक्रिया करते हुए इसे पार्टी की मेहनत का नतीजा बताया। कुल मिलाकर, ये चुनाव बीजेपी के लिए ग्रासरूट लेवल पर बड़ा सपोर्ट दिखाते हैं, जहां ज्यादातर सीटें बिना मुकाबले या बड़े अंतर से जीती गईं।











