प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर ने एक बहस में ईश्वर के अस्तित्व पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “यदि वह वास्तव में सर्वशक्तिमान है, तो गाजा में बच्चे इतनी पीड़ा क्यों झेल रहे हैं.?” इस सवाल ने मुस्लिम समुदाय में भारी विवाद खड़ा कर दिया।
अख्तर का तात्पर्य था कि खुदा गाजा में हो रही हिंसा को देख रहे हैं, जहाँ 10 साल से छोटे 35,000 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और कई बच्चे भूख से जूझ रहे हैं।
अख्तर का तर्क
जावेद अख्तर ने कहा- “यदि आप (अल्लाह) वास्तव में सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी हैं, तो आपको गाजा में बच्चों की स्थिति दिखाई दे रही होगी, और फिर भी आप चाहते हैं कि मैं आप पर विश्वास करूँ?” यह सवाल उन्होंने इस्लामी विद्वान मुफ़्ती शमाइल नवदी से किया।
मुफ़्ती शमाइल नवदी का जवाब
मुफ़्ती शमाइल ने बहस में कहा, “यदि आप नहीं जानते, तो यह दावा मत कीजिए कि खुदा का अस्तित्व नहीं है।”
अख्तर का प्रतिवाद
जावेद अख्तर ने कहा कि कोई भी दार्शनिक या वैज्ञानिक सब कुछ जानने का दावा नहीं करता, और इंसानों को अपनी अज्ञानता स्वीकार करनी चाहिए बजाय इसके कि वे पूर्ण दावे करें।
बहस का विस्तृत विवरण
बहस में यह भी चर्चा हुई कि क्या कोई निर्णय सही बन जाता है यदि उसे बहुमत का समर्थन प्राप्त हो। इस बहस ने खुदा के अस्तित्व, विश्वास और तर्क पर गहराई से विचार किया। दो घंटे की इस बहस में कई विवादास्पद मुद्दे उठाए गए।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया
जावेद अख्तर के सवालों ने सोशल मीडिया और मजहबी समुदाय में काफी चर्चा पैदा की। कुछ लोगों ने उनकी बहस को तर्कसंगत माना, जबकि कई लोग इसे मजहबी भावनाओं के खिलाफ बताया।।












