पुरी जगन्नाथ मंदिर फोटो विवाद: सरकार सख्त दंड प्रावधानों पर कर रही विचार, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े
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पुरी जगन्नाथ मंदिर फोटो विवाद: सरकार सख्त दंड प्रावधानों पर कर रही विचार, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े

पुरी के अत्यंत प्रतिबंधित आंतरिक क्षेत्र से ली गई एक तस्वीर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ओडिशा सरकार ने मंदिर परिसर में नियमों के बार-बार उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू करने के संकेत दिए हैं।

Written byडॉ. समन्वय नंदडॉ. समन्वय नंद — edited by Lalit Fulara
Dec 18, 2025, 01:01 pm IST
in ओडिशा

भुवनेश्वर: 12वीं सदी के पवित्र श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी के अत्यंत प्रतिबंधित आंतरिक क्षेत्र से ली गई एक तस्वीर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ओडिशा सरकार ने मंदिर परिसर में नियमों के बार-बार उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू करने के संकेत दिए हैं। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के विधि मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बुधवार को कहा कि मंदिर प्रशासन की ओर से स्पष्ट प्रतिबंध और बार-बार चेतावनियों के बावजूद अनुशासनहीनता की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचा ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए शायद अब पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है।

मंदिर के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं कुछ लोग
विधि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को सख्त दंडात्मक प्रावधानों पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि कुछ लोग लगातार मंदिर के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं और मोबाइल फोन, कैमरा व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर ले जाने पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की हरकतों में शामिल लोग सच्चे श्रद्धालु नहीं हैं, क्योंकि उनका उद्देश्य दर्शन करना नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करना और सनसनी फैलाना होता है।

हरिचंदन ने बताया कि हालांकि मौजूदा कानून में इस तरह के उल्लंघनों के लिए कई दंडात्मक प्रावधान पहले से मौजूद हैं, लेकिन सरकार अब उनमें आवश्यक संशोधन करने की दिशा में काम कर रही है ताकि उन्हें और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के भीतर फोटोग्राफी, मोबाइल फोन, स्मार्ट ग्लास और कैमरे को पूरी तरह और स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करने के लिए कानूनी प्रावधानों को मजबूत किया जाएगा, क्योंकि पुराने कानून में इस पर स्पष्ट उल्लेख नहीं था।

कई स्तरों की जांच के बावजूद मोबाइल फोन मंदिर के भीतर कैसे पहुंचा?
यह विवाद उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को रत्न सिंहासन पर विराजमान दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर बेहद नजदीक से ली गई है, जिससे मंदिर के अत्यंत सुरक्षित और प्रतिबंधित आंतरिक क्षेत्र में सुरक्षा चूक को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हुई है।

सूत्रों के अनुसार, तस्वीर रत्न सिंहासन के निकट से ली गई प्रतीत होती है, जो मंदिर का सबसे संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र माना जाता है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि कड़े सुरक्षा इंतजाम और कई स्तरों की जांच के बावजूद मोबाइल फोन या कैमरा मंदिर के भीतर कैसे पहुंचा। यह तस्वीर कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर एक उपयोगकर्ता द्वारा अपलोड की गई थी, हालांकि तस्वीर लेने वाले व्यक्ति की पहचान और घटना के समय को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तस्वीर कब और कैसे ली गई। अधिकारियों ने कहा कि अब तक न तो फोटोग्राफर की पहचान की पुष्टि हुई है और न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई। यह घटना श्रीमंदिर में हाल के महीनों में सामने आई सुरक्षा चूकों की श्रृंखला में एक और कड़ी के रूप में देखी जा रही है। नवंबर महीने में एक भक्त, जो जाजपुर का निवासी बताया गया, कथित तौर पर सेवक के वेश में गर्भगृह में प्रवेश कर गया था और उसने रत्न सिंहासन को छू लिया था। उसी दिन एक अन्य घटना में अहमदाबाद का एक भक्त जगमोहन के भीतर पकड़ा गया था, जिसके चश्मे में छिपा हुआ कैमरा लगा हुआ था।

मंदिर के प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच के बावजूद गंभीर चूकें कैसे?
इन घटनाओं के बाद सेवायतों, श्रद्धालुओं और आम लोगों में गहरा रोष देखा गया है। लोगों ने सवाल उठाया है कि मंदिर के प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच के बावजूद इस तरह की गंभीर चूकें कैसे हो रही हैं। कई श्रद्धालुओं और संगठनों ने मामले की गहन जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सिंहद्वार पुलिस ने श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने बताया कि पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखे हुए है, जहां रत्न सिंहासन से जुड़ी तस्वीरें साझा की गई हैं। उन्होंने कहा कि तस्वीर पोस्ट करने और उसे आगे साझा करने वालों की पहचान होने के बाद ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कानून और व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जाएगा।

Topics: Puri Jagannath Temple viral photoOdisha government strict punishmentJagannath Temple controversyOdisha govt considering strict penaltiesPuri Jagannath Temple viral image row
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