मोहाली । गत दिनों सोमवार को पंजाब के मोहाली में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। मोहाली के लालड़ू में लहली के पास पुलिस एनकाउंटर हुआ है। दो दिन पहले मोहाली के सोहाना क्षेत्र के सेक्टर-82 स्थित मैदान में सोमवार शाम मशहूर कबड्डी प्रमोटर और खिलाड़ी कुंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इसी मामले में पुलिस लगातार हमलावरों की तलाश में जुटी थी।
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने लालड़ू में लहली के पास एनकाउंटर के दौरान एक बदमाश को ढेर कर दिया है। बदमाश राणा बलाचौरिया की हत्या में शामिल था। वहीं इस मुठभेड़ में दो पुलिस मुलाजिमों को भी गोली लगी है। घायल मुलाजिमों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस घटनास्थल पर जांच कर रही है।
शूटर की पहचान और भूमिका
शूटर की पहचान हरपिंदर सिंह के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी हरपिंदर सिंह की राणा बलाचौरिया की हत्या मामले में मुख्य भूमिका थी।
सोहाना में राणा बलाचौरिया की हत्या
बता दें कि सोहाना क्षेत्र के सेक्टर-82 स्थित मैदान में सोमवार शाम मशहूर कबड्डी प्रमोटर और खिलाड़ी कुंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि राणा बलाचौरिया की हत्या गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का करीबी होने के चलते की गई।
हत्या का तरीका और घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार राणा और जग्गू भगवानपुरिया के बीच कबड्डी टूर्नामेंटों को लेकर टाईअप था, इसे लेकर विरोधी गैंगों से रंजिश चल रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि राणा बलाचौरिया की हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी।
बाइक पर सवार होकर आए दो शूटरों ने सेल्फी लेने के बहाने राणा के पास पहुंचकर 30 बोर पिस्टल से उनके सिर में गोली मारी। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भाग गए।
अमृतसर पुलिस की कार्रवाई, एनकाउंटर के बाद गिरफ्तारी
वहीं दूसरी ओर, राणा बलाचौरिया की हत्या मामले में अमृतसर पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्या मामले में शामिल आरोपी करण को गिरफ्तार किया है। इसके आलवा पुलिस ने निर्मलजीत और मंदीप को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है। इनमें से एक को पुलिस की गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है।
गैंगस्टरों के राडार पर कबड्डी खिलाड़ी
राणा बलाचौरिया की मोहाली में कबड्डी मैच के दौरान सैल्फी लेने के बहाने जिस तरह हत्या की गई उससे एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि कबड्डी खिलाड़ी अब गैंगस्टरों के राडार पर हैं और उसका मुख्य कारण जहां पैसा है वहीं अपने-अपने वर्चस्व की लड़ाई भी है।
राणा बलाचौरिया का पारिवारिक परिचय
मोहाली के सोहाना में गोलीकांड के शिकार कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया हिमाचल प्रदेश के राजपरिवार से संबंध रखते थे। वह जिला ऊना के बनगढ़ गांव के निवासी थे। दिग्विजय सिंह के दादा कंवर शेर बहादुर सिंह और परदादा राजा सुमित्रा सिंह बनगढ़ रियासत के राजा रहे हैं। चार दिसंबर को ही दिग्विजय सिंह पुत्र राजीव कंवर की शादी हुई थी।
बंबीहा और लक्की पटियाल गैंग का कनेक्शन
मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों बंबीहा गैंग के डोनी बल और लक्की पटियाल गैंग से जुड़े हैं। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 12 विशेष टीमों का गठन कर उन्हें विभिन्न संभावित ठिकानों पर रवाना किया है।
कबड्डी टूर्नामेंटों पर वर्चस्व की साजिश
यह हत्या कबड्डी टूर्नामेंटों पर वर्चस्व कायम करने की साजिश का हिस्सा थी।
खेल, पैसा और गैंगस्टर वर्चस्व
कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया से पहले भी कबड्डी के नामी खिलाडिय़ों की हत्याएं हो चुकी हैं। गैंगस्टरों की वर्चस्व की लड़ाई के पीछे मूल रूप से धन ही है। यह गैंगस्टर कबड्डी के खिलाडिय़ों को अपने मोहरों की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं, जो खिलाड़ी बागी तेवर दिखाता है वह उनकी हिट लिस्ट पर आ जाता है।
अन्य खेलों में भी खतरा
यह समस्या कबड्डी के मामले तक ही नहीं यह कुश्ती, बॉक्सिंग जैसे खेलों में भी है। अमेरिका में स्पोट्र्स बेटिंग का चलन अब कॉलेजों तक पहुंच गया है। खेलों में सट्टेबाजों का रुझान और गैंगस्टरों की वर्चस्व की लड़ाई चाहे वह भारत में हो या अन्य देशों में खेल और खिलाडिय़ों दोनों के लिए घातक है।













