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लोकसभा में पास हुआ शांति विधेयक, अब परमाणु ऊर्जा में होगी निजी एंट्री!

लोकसभा ने ध्वनिमत से शांति विधेयक 2025 पारित किया। नए कानून से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी, नवाचार, स्मॉल रिएक्टर और गैर-विद्युत उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Shivam Dixit
Dec 17, 2025, 06:38 pm IST
inभारत, दिल्ली

नई दिल्ली (हि.स.) । लोकसभा में देश की कुल ऊर्जा जरूरतों में परमाणु ऊर्जा की भागीदारी बढ़ाने से जुड़ा विधेयक बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार को प्रोत्साहित करने और इसके उपयोग को गैर विद्युत क्षेत्र तक बढ़ाने के लिए है। विधेयक निजी क्षेत्र के द्वार नाभीकीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए खोलेगा।

शांति विधेयक 2025 पेश

केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने आज सतत दोहन और भारत के रुपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन एवं अभिवर्धन विधेयक, 2025 या शांति विधेयक (सस्टेनेबल हार्नेंसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) विचार एवं पारित करने के लिए पेश किया।

विधेयक पर चर्चा और सरकार का पक्ष

विधेयक पर चली लम्बी चर्चा के बाद केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य भारत के परमाणु ऊर्जा कानूनों का आधुनिकीकरण करना और इस क्षेत्र को सबके लिए सुलभ बनाना है।

संशोधन और प्रमुख प्रावधान

उन्होंने कहा कि यह कोई नया विधेयक नहीं है। हमने इसमें केवल कुछ पहलुओं में संशोधन किया है। यह विधेयक देश के विकास पथ को नई दिशा देगा। विधेयक की धारा 9 व्यक्तियों को नवाचार और अनुसंधान करने की अनुमति देती है। एक अन्य धारा सरकार को सुरक्षा कारणों से कुछ कंपनियों की भागीदारी प्रतिबंधित करने का अधिकार देती है।

विपक्ष पर मंत्री का बयान

डॉ सिंह ने कहा कि कई विपक्षी दल विधेयक को पूरी तरह पढ़े बिना ही उसका विरोध कर रहे हैं। हमारी सरकार ने विधेयक को ठीक से परिभाषित किया है और इसमें शामिल निजी पक्षों को अधिक अधिकार और स्वतंत्रता दी है। विधेयक सुरक्षा, संरक्षा, सुरक्षा उपायों, गुणवत्ता आश्वासन और आपातकालीन तैयारियों से संबंधित तंत्रों को मजबूत करता है।

पुराने कानूनों का स्थान लेगा नया अधिनियम

उल्लेखनीय है कि विधेयक से बनने वाला अधिनियम परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु नुकसान के लिए सिविल दायित्व अधिनियम, 2010 का स्थान लेगा। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी और संयुक्त उद्यम के माध्यम से सार्वजनिक और निजी खिलाड़ियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और बड़े पैमाने पर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों की तैनाती को बढ़ावा देना है।

विधेयक के उद्देश्य और उपयोग

इसे सरकार ने 15 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया था। इसका उद्देश्य सुरक्षा, रक्षा उपाय और परमाणु दायित्व के प्रति भारत की प्रतिबद्धताओं का निरंतर पालन करना भी है। इसका उपयोग बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, शोध, पर्यावरण और नवाचार में किया जाएगा। साथ ही, सुरक्षित उपयोग हेतु सशक्त नियामक ढांचा और जनकल्याण सुनिश्चित किया जाएगा।

Topics: Jitendra Singhशांति विधेयक 2025परमाणु ऊर्जा विधेयकलोकसभा बिल पासNuclear Energy IndiaPrivate Sector NuclearSMR IndiaAtom Energy Act RepealNuclear Innovation
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