नई दिल्ली/जम्मू-कश्मीर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम हमले के लगभग 8 महीने बाद जम्मू की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। NIA जांच में पाया गया कि इस हमले में सीधे तौर पर शामिल तीन आतंकवादी सेना के ऑपरेशन महादेव में मारे गए थे। जिनके नाम सुलेमान शाह उर्फ फैजल जट्ट या हाशिम मूसा, हमजा उर्फ हमजा अफगानी और जिब्रान उर्फ जिब्रान भाई थे।
NIA चार्जशीट में TRF का नाम भी
पहलगाम हमले से एक दिन पहले आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और भोजन उपलब्ध कराने वाले बशीर अहमद जोठर, परवेज अहमद जोठर और मोहम्मद यूसुफ कटारी के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। NIA चार्जशीट में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) का भी नाम शामिल किया गया है।
बशीर और परवेज ने आतंकियों को झोपड़ी में था ठहराया
NIA जांच में पता चला कि बशीर और परवेज स्थानीय निवासी हैं। दोनों ने आतंकियों को 21 अप्रैल की रात हिल पार्क इलाके की एक झोपड़ी में ठहराया था। दोनों भाइयों को हमले के लगभग दो महीने बाद 22 जून को गिरफ्तार किया गया था। जोठर भाइयों के फोन से कुछ पाकिस्तानी नंबर मिले थे। NIA चार्जशीट में इन दोनों पर आतंकवादियों को शरण देने का आरोप है।
गौरतलब है कि पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादी हमला हुआ था। पाकिस्तानी आतंकवादियों ने लोगों से उनका धर्म पूछा और उनकी हत्या कर दी। इस बर्बर आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकियों का खात्म किया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालयों तथा प्रशिक्षण केंद्रों सहित नौ स्थानों को निशाना बनाया गया था और कई आतंकियों को मार गिराया था।

















