ब्रिटेन क्या आतंक का नया गढ़ बनकर उभर रहा है या फिर वहाँ पर आतंक के रहनुमा सुरक्षित महसूस करते हैं? यह प्रश्न अब वहाँ के आम नागरिक ही सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं। वहाँ की मीडिया के कुछ वर्ग भी इस बात को उठाने लगे हैं, कि ब्रिटेन के आम करदाताओं के पैसों पर आतंकी का परिवार क्यों रह रहा है? क्यों वह उन सुविधाओं का भोग उठा रहा है, जो ब्रिटेन के नागरिकों के लिए हैं?
क्या है मामला?
यह हंगामा आखरी क्यों मचा हुआ है? दरअसल आईएसआईएस के नए शीर्ष आतंकी सरगना के रूप में कुख्यात अब्दुल कादिर मुमिन जो कि मूल रूप से सोमालिया का है और जो बहुत ही शांति से यूके में रह रहा था, वह हालांकि अब सोमालिया में जाकर अपनी आतंकी गतिविधियां कर रहा है, मगर उसकी 43 वर्षीय ब्रिटिश-सोमाली बीवी मुना अब्दुल यूके में ही रह रही है।
आईएसआईएस लीडर की पत्नी और बच्चे ब्रिटेन में
जैसे ही यह जानकारी मीडिया में आई, वैसे ही हंगामा मच गया है। उस आतंकी सरगना की बीवी ही नहीं बल्कि तीन बच्चे भी ब्रिटेन में ही रह रहे हैं।
डेली मेल के हवाले से यह समाचार वहाँ पर सामने आया है। मगर उसकी बीवी का कहना है कि उसका अब अपने शौहर के साथ कोई संबंध नहीं है। उसका कहना है कि उसका शौहर उसे दस साल पहले ही छोड़ कर जा चुका है। उसने अपने शौहर को दसियों साल से नहीं देखा है तो उसके साथ उनका कोई लेनादेना नहीं है।
ब्रिटेन में आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव के आरोप
हालांकि यह सच है कि अब्दुल कादिर अब ब्रिटेन में नहीं रह रहा है, परंतु यह भी सच है कि जब वह ब्रिटेन में था, तो उस समय उसके संबंध ब्रिटेन में रह रहे कई इस्लामी आतंकी संगठनों के शीर्ष सरगनाओं के साथ थे। वह ब्रिटेन में इस्लाम के कट्टर विचारों को फैलाता था। मीडिया के अनुसार ऐसा माना जाता है कि उसके संबंध जिहादी जॉन के रूप में कुख्यात मोहम्मद एमवाजी के भी साथ थे।
ब्रिटेन में कादिर की गतिविधियां और नागरिकता
अब्दुल कादिर वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2010 तक ब्रिटेन में रहा था और उसी के दौरान उसे वहाँ की नागरिकता मिली थी। नागरिकता मिलने के बाद उसने लंदन की मस्जिदों से जहरीली तकरीरें दी थीं, जिसके कारण उसे जांच का सामना करना पड़ा था।
सोमाली पत्नी और तीन बच्चों का मामला
मगर उसी दौरान उसने ब्रिटिश सोमालिया महिला मुना अब्दुल से निकाह कर लिया था और उसके उससे तीन बच्चे हुए थे। एक लड़का और दो लड़कियां। जिस समय उसका निकाह हुआ, उस समय उसकी उम्र 48 वर्ष और उसकी बीवी की उम्र 19 वर्ष थी।
यूके से फरार होने के बाद क्या हुआ?
हालांकि जब उसकी जहरीली तकरीरें सामने आने लगी थीं और यह जांच बैठी कि कैसे वह युवाओं के दिलों में कट्टरता का जहर भर रहा है तो वह यूके से भाग गया था। उसके बाद वर्ष 2016 में वह सोमालिया में सामने आया, जिसमें वह ब्रिटेन का पासपोर्ट जलाते हुए और अपनी ज़िंदगी जिहाद को समर्पित करते हुए देखा जा रहा था।
बीवी का दावा—अब कोई संबंध नहीं
डेली मेल के हवाले से टेलीग्राफ ने उसकी बीवी का बयान बताते हुए लिखा है कि उसका उसके शौहर से अब कोई नाता नहीं है। उसने कहा कि वे लोग अपनी ज़िंदगी जी रहे हैं। उसने कहा है कि वह अपने शौहर से मिलने के लिए एक बार सोमालिया गई थी, क्योंकि उसने कहा था कि वह बदल गया है, मगर वह सच नहीं था और अब इसे भी दस वर्ष से अधिक का समय हो गया है और उसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं है।
आईएसआईएस में उसकी बढ़ती भूमिका
अब्दुल कादिर को बड़ी जिम्मेदारी तब दी गई, जब अमेरिका के हवाई हमले के दौरान इस आतंकी संगठन के कई वरिष्ठ लीडर मारे गए थे। हालांकि अभी तक उसे उस संगठन का सबसे बड़ा लीडर नहीं माना गया है।
मगर अफ्रीका में वह सक्रिय है और अफ्रीका में वह संगठन को मजबूत कर रहा है और कुछ मीडिया समूहों की रिपोर्ट्स का यह भी दावा है कि अमेरिका के हवाई हमलों में इस संगठन के लीडर्स के मारे जाने के कारण उसे वैश्विक लीडरशिप में शामिल कर लिया है।
ब्रिटिश सरकार पर नरमी के आरोप
ब्रिटेन की सरकार पर आतंकियों पर नरम रवैया अपनाने के आरोप लगातार लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस समाचार को लेकर घमासान मचा हुआ है। लोग इसे ब्रिटेन के लोगों की आत्मघाती प्रवृत्ति के रूप में बता रहे हैं। लोग इस बात पर प्रश्न कर रहे हैं कि आखिर कैसे सोमालिया के नए इस्लामिक स्टेट के शीर्ष सरगना की बीवी और बच्चे सोशल हाउसिंग में रह रहे हैं।
ब्रिटिश करदाताओं के पैसे पर आतंकी परिवार?
लोग प्रश्न कर रहे हैं कि ब्रिटिश सरकार आखिर एक जिहादी के परिवार को आवास और भोजन आदि का खर्च क्यों दे रही है और रिफॉर्म यूके के नेता Darren Grimes ने लिखा कि इस बात की गारंटी है कि उनकी देखभाल सरकार द्वारा ही की जा रही है।












