नई दिल्ली/ शिमला। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। जिससे टूरिस्टों के चेहरे खिल उठे हैं। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में रविवार रात और सोमवार सुबह ताजा बर्फबारी हुई है। इससे ठंड बढ़ने के साथ ही टूरिस्टों में बर्फबारी का आनंद लेने की चाह भी बढ़ गई है। रोहतांग दर्रा बर्फबारी के बाद सफेद चादर में लिपटा हुआ दिख रहा है। यहां रुक-रुककर हल्की बर्फबारी हो रही है।
शिमला और मनाली में अभी भी बर्फबारी का इंतजार
मनाली, सोलंग घाटी और शिमला में स्थानीय लोग और टूरिस्ट अभी भी बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। यहां अभी तक सीजन की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। सीजन की पहली बर्फबारी होने के बाद पर्यटकों की आवाजाही बढ़ जाती है और स्थानीय लोगों का व्यापार भी खिल उठता है। परंपरागत रूप से शिमला में दिसंबर के दूसरे-तीसरे सप्ताह में बर्फ गिरती है। टूरिस्टों को हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार रहता है ताकि वो सीजन की बर्फबारी का लुत्फ उठा सकें।

बर्फ हटने के बाद खुलेगा 428 किलोमीटर लंबा ये राजमार्ग
बर्फबारी और फिसलन को देखते हुए 428 किलोमीटर लंबा लेह–मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-3 सोमवार से वाहनों की आवाजाही के लिए आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया है। यह राजमार्ग अगले वर्ष गर्मियों में दर्रों से बर्फ हटने के बाद ही दुबारा खोला जाएगा। लद्दाख को हिमाचल से जोड़ने वाला यह मार्ग सेना, आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई, पर्यटन और स्थानीय आवागमन का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिव मार्ग है।
प्राकृतिक जलस्त्रोत और झरनों में पानी जमा
ऊंचे इलाकों में तापमान के शून्य के नीचे पहुंचने से प्राकृतिक जलस्त्रोत, नालों और झरनों में पानी जम गया है। सबसे कम तापमान लाहौल स्पीति जिला के कुकुमसेरी में -6.2 डिग्री सेल्सियस और ताबो में -1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मैदानी जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है और सुबह-शाम कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। पूरे प्रदेश में 14 दिसंबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
देशभर से बर्फबारी देखने के लिए हिमाचल प्रदेश जाते हैं टूरिस्ट
देशभर से टूरिस्ट बर्फबारी देखने के लिए हिमाचल प्रदेश जाते हैं। सीजन चाहे गर्मियों का हो या फिर सर्दी का टूरिस्ट बर्फबारी का आनंद लेने के लिए इस सूबे का रुख जरूर करते हैं।
















