हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत हो चुकी है। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है और किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। लेकिन दूसरी ओर तेज बारिश, भूस्खलन और हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई सड़कें बंद हो गई हैं और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
मानसून के साथ बढ़े हादसे
लाहुल-स्पीति जिले में एचआरटीसी के परिचालक ज्ञान सिंह ड्यूटी के दौरान सुबह एक जगह रुके थे। इसी समय अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरा, जो उनके सिर पर लगा। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिमला जिले में एक 60 वर्षीय महिला की करंट लगने से जान चली गई। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण एक लोहे की तार में करंट आ गया था। वहीं कांगड़ा जिले में एक प्लंबर टुल्लू पंप लगाते समय करंट की चपेट में आ गया। चंबा जिले में भी एक महिला का पैर फिसल गया और गहरी खाई में गिरने से उसकी मौत हो गई।
भारी बारिश का असर सड़कों और बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। प्रदेश में 49 सड़कें बंद हो गई हैं और 42 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। चंबा जिले में एक सड़क का बड़ा हिस्सा तेज बहाव में बह गया, जिससे लोगों की आवाजाही रुक गई। कई जगहों पर भूस्खलन होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान और मक्की की बुवाई के लिए किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब खेतों में नमी आने से खेती का काम तेजी से शुरू हो गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मानसून शुरू होने के बाद अब तक प्रदेश में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम में सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

















