भुवनेश्वर। ओडिशा के विभिन्न जिलों में गौवंश की तस्करी और चोरी की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं और इन्हें रोकने के लिए पुलिस की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है। पिछले 48 घंटों में बालेश्वर और कोरापुट जिलों में दो बड़े गौतस्करी मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें कुल 79 गौवंशों को छुडाया गया। इनमें से एक गाय की दर्दनाक परिस्थितियों में मौत भी हो गई। इसके अलावा बालेश्वर जिले में घरों के बाड़ों से रस्सी काटकर लगातार हो रही गाय चोरी की वारदातों ने स्थानीय गौ-पालकों में भारी रोष पैदा कर दिया है।
बालेश्वर: ‘डाक पार्सल’ लिखे कंटेनर से पकड़ी गई तस्करी, 47 गौवंश बरामद
बालेश्वर जिले के नीलगिरि के पास पुलिस ने शनिवार तडके एक कंटेनर को पकड़ा जिसमें भद्रक जिले से अवैध रूप से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे 47 गौवंश भरे हुए थे। कंटेनर में गायों को जिस अमानवीय तरीके से ठूंसकर रखा गया था, उसके कारण एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कंटेनर राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर स्थित शेरगढ़ टोल प्लाज़ा की जांच से बचने के लिए बिदु–पंचलिंगेश्वर–नीलगिरि PWD मार्ग से होकर निकाला जा रहा था। तस्करों ने वाहन की पहचान छिपाने के लिए उसके ऊपर बड़े अक्षरों में ‘डाक पार्सल’ भी लिख रखा था, ताकि लोग इसे सामान्य पार्सल वाहन समझकर अनदेखा कर दें।
इस अवैध तस्करी की सूचना मिलने के बाद नीलगिरि थाना प्रभारी गोवर्धन नायक, ईश्वरपुर चौकी प्रभारी विकास कुमार भोई और बरेंद्र कुमार सिंह ने ईश्वरपुर के पास घेराबंदी कर कंटेनर को रोक लिया। हालांकि उसे एस्कॉर्ट कर रही दूसरी गाड़ी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रही।
पश्चिम बंगाल के तीन तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से पश्चिम बंगाल के हावड़ा थाना क्षेत्र के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान हेपी जुलू (20), शेख़ इक़बाल (21) और एक अन्य युवक के रूप में हुई है। कंटेनर से बरामद 47 में से 46 जीवित गायों को रेमुणा स्थित गोशाला में सुरक्षित भेज दिया गया है, जबकि मृत गाय को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
कोरापुट: सब्जी के ट्रे के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थीं 32 गायें
कोरापुट जिले में भी शुक्रवार देर रात एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसमें तस्कर बड़ी चालाकी से हरी सब्जियों के ट्रे के नीचे 32 गायों को छिपाकर हैदराबाद ले जा रहे थे। स्थानीय युवकों को मिली गुप्त सूचना पर टाउन पुलिस ने इस तस्करी का भंडाफोड़ किया।
सूचना मिलते ही पुरुणागढ़ चौराहे के पास एक आईचर वाहन को रोका गया। वाहन रुकते ही उसका ड्राइवर और हेल्पर मौके से भाग गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर वाहन की तलाशी ली। वाहन का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह हरी सब्जियों से ढका हुआ था, जबकि नीचे की परत में 32 गायों को रस्सियों से बांधकर रखा गया था। तस्करों का उद्देश्य था कि वाहन को सब्जी-लदी गाड़ी समझकर कोई उसकी जांच न करे।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि अपराधी अब गांजा तस्करी की तरह गो-तस्करी में भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सब्जियों के ट्रे के नीचे गायों को छिपाना इसी प्रवृत्ति का उदाहरण है। उनका कहना है कि प्रतिदिन जयपुर शहर और जयपुर मार्ग से इस तरह की घटनाएँ सामने आती हैं, इसलिए पुलिस को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।
बालेश्वर: घरों के बाड़ों और खेतों से रस्सी काटकर चोरी हो रही गायें
बालेश्वर जिले के रेमुणा थाना क्षेत्र में गाय चोरी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। चोर रात के समय घरों के बाड़ों में घुसकर रस्सी काट कर और पिकअप वाहनों में गायों को भरकर ले जाते हैं। कई बार ऐसी घटनाएँ सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी गिरोह का ठोस सुराग नहीं ढूंढ़ पाई है।
10 अक्टूबर की रात 3:45 बजे नरोहरिपुर सेवा सहकारी समिति कार्यालय और आरआई कार्यालय के पास से चार गायों को पिकअप में लादकर ले जाते हुए कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था। इस घटना से दूध व्यापारियों में काफी आक्रोश फैल गया था । इसी प्रकार 21 नवंबर को राधानगर गांव में गंगाधर कमिला के घर के आंगन से एक दुधारू गाय चोरी कर ले जाते हुए एक युवक कैमरे में दिखा।
2 दिसंबर को औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत मंगलपुर गांव में हृदयानंद यादव की गोशाला से चार गायें चोरी होने की शिकायत पुलिस में दर्ज की गई। यादव, जो दूध बेचकर परिवार चलाते हैं, ने बताया कि आठ महीने पहले भी उनकी एक गाय चोरी हुई थी, जिसे झंखराई गांव से बरामद किया गया था। अब एक बार फिर चोरी की घटना से वे बेहद परेशान और भयभीत हैं।
स्थानीयों में बढ़ता आक्रोश, एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे चोर गिरोहों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बालेश्वर के आरक्षी अधीक्षक से इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए ठोस कदम उठाने और विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
कैप्शन – बालेश्वर जिले में 47 गौवंशों को छुडाया गया

















