उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले के जेहनपोरा में कुषाणकालीन बौद्ध बस्ती के अवशेष मिलने से कश्मीर का सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास और भी समृद्ध हुआ है। यह खोज पुरातत्व विभाग, संग्रहालय विभाग और कश्मीर विश्वविद्यालय के मध्य एशियाई अध्ययन विभाग की संयुक्त पहल से हुई है।
खुदाई में मिले महत्वपूर्ण अवशेष
पांच महीनों की खुदाई में टीम को कुषाण काल के तीन स्तूप, संरचनात्मक दीवारें, मिट्टी के बर्तन, तांबे की कलाकृतियां और अन्य बौद्ध अवशेष मिले हैं। टीम ने राजतरंगिणी, ऐतिहासिक यात्रा वृत्तांत और ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) जैसी तकनीकों का उपयोग कर स्थल की पहचान की।
#Baramulla के जे़हानपोरा में प्राचीन बौद्ध स्तूपों के अवशेष मिले हैं.
ये लगभग 2000 साल पुराने कुशाण कालीन बौद्ध स्थल का हिस्सा बताए जा रहे हैं. कई स्तूप, दीवारें, मिट्टी के बर्तन और तांबे की कलाकृतियां मिली हैं.
यह खोज #Kashmir की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नए दृष्टिकोण से… pic.twitter.com/ch3PL5qYU9
— SansadTV (@sansad_tv) December 6, 2025
जीपीआर ने जमीन के नीचे दबी प्राचीन संरचनाओं के संकेत दिए, जिसके बाद खुदाई शुरू की गई। खुदाई के दौरान डिजिटल मैपिंग, ड्रोन सर्वे और 3D डाक्यूमेंटेशन जैसी तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य स्थल को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करना और भविष्य के शोधकर्ताओं के लिए सुरक्षित बनाना है।
बता दें कि यह खोज कश्मीर इतिहास और प्राचीन बौद्ध अवशेष के अध्ययन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और घाटी में पहले बड़े पैमाने पर कुषाणकालीन बौद्ध विरासत का खुलासा करती है।













