लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर शनिवार को बड़ी घोषणा की। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि प्रायः कुछ शरारती तत्व मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास करते हैं, इसलिए उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है कि जहां भी बाबा साहेब की मूर्तियां लगी हैं, वहां बाउंड्रीवाल बनाकर उन मूर्तियों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही मूर्तियों पर छत्र भी लगाया जाएगा, जिससे बाबा साहेब की मूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें संविधान और बाबा साहेब पर गौरव की अनुभूति होती है। सीएम ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने उस समय भी खतरों से जागरूक किया था। कांग्रेस के बड़े नेता का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 1923 में वंदे मातरम गाने से इंकार कर दिया था। जब उनका अंतिम समय आया तो उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि येरूशलम में मरूं। तब बाबा साहेब ने टिप्पणी की थी कि जो व्यक्ति भारत में पैदा होकर यहां की सुविधा का उपभोग करके भी भारत की धरती को पवित्र न मानता हो, उसका वक्तव्य कभी भी भारतवासियों के हित में नहीं हो सकता। सीएम ने कहा कि तुष्टिकरण की नीति पर चलने वाले दल न केवल भारत का अहित कर रहे हैं, बल्कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का भी अपमान कर रहे हैं और देशवासियों को उनकी सुविधाओं से वंचित करने की कुत्सित चेष्टा भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन सभी के लिए प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब ने जमीन से आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए परिश्रम किया। वे चुनौतियों से जूझे, कठिनाइयों का सामना किया और सामाजिक भेदभाव के रुढ़िगत विषमताओं से जकड़े समाज से उबरकर कोटि-कोटि वंचितों, दलितों, अतिपिछड़ों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए अवसर उपलब्ध कराया। महापरिनिर्वाण दिवस उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का समारोह है।
सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब ने जब भारत का संविधान बनाया तो संविधान शिल्पी के रूप में अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया। उसकी प्रस्तावना में तीन महत्वपूर्ण शब्द (न्याय, समता और बंधुता) रखे थे। मोदी जी ने सबका साथ, सबके विकास के भाव के साथ बिना भेदभाव हर वंचित, दलित, गरीब, पिछड़े, महिला, युवा को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया। गरीब को राशन, वंचित को मकान, हर गरीब के घर शौचालय निर्माण, स्वास्थ्य की बेहतरीन सुविधा प्राप्त हो सके। जहां घर है, घरौनी के माध्यम से वहां का मालिकाना हक उपलब्ध कराना भी न्याय, समता व बंधुता का हिस्सा है। समाज की मुख्य धारा के साथ जोड़ने के लिए ऐसे अभियान चलाए गए।

















