भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर पाकिस्तान को लेकर अपने बेबाक विचारों के लिए भारत ही नहीं दुनिया भर में मशहूर हैं। वे पाकिस्तान को उसकी असलियत से खरे शब्दों में परिचित कराते रहते हैं। विशेषकर, आपरेशन सिंदूर के बाद तो उन्होंने हर मंच से जिन्ना के देश के बखिया खुलकर उधेड़ी है और वैश्विक समुदाय के सामने उसकी अंसली मंशाओं को अनेक बार बेपर्दा किया है। अब एक बार फिर एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत की अधिकांश समस्याओं की जड़ में पाकिस्तान की सेना है, जो भारत विरोधी वैचारिक नफरत को बढ़ावा देती आ रही है।
जयशंकर ने आतंकवाद, आतंकी ट्रेनिंग कैंपों और वैचारिक नफरत की जड़ पाकिस्तानी सेना में तथ्यों के साथ बताई। उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक व सैन्य क्षमताओं की तुलना में भारत को कहीं आगे रखते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच एक बहुत बड़ा फर्क है। पाकिस्तान के अपरिपक्व राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को लक्ष्य करते हुए उन्होंने दो टूक सलाह दी कि हमें खुद को पाकिस्तान से अनावश्यक रूप से नहीं जोड़ना चाहिए।

भारत के विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी सेना को भारत के प्रति नफरत फैलाने का मुख्य स्रोत बताते हुए इसके कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि जब आतंकवाद या आतंकी ट्रेनिंग कैंपों की चर्चा होती है, तो आखिर में यह सब पाकिस्तानी सेना से जुड़ा पाया जाता है।
असीम की सेना की भूमिका
भारत के विदेश मंत्री ने इंटरव्यू में पाकिस्तानी सेना को भारत के प्रति नफरत फैलाने का मुख्य स्रोत बताते हुए इसके कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि जब आतंकवाद या आतंकी ट्रेनिंग कैंपों की चर्चा होती है, तो आखिर में यह सब पाकिस्तानी सेना से जुड़ा पाया जाता है। पाकिस्तान की वर्तमान हालत को देखते हुए, जयशंकर ने इसे उस देश के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने इसके बरअक्स भारत की मजबूत स्थिति पर भरोसा जताया। उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर पर अपरोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि कुछ सेना अध्यक्ष अच्छे होते हैं, तो कुछ बुरे भी होते हैं जो वैचारिक कट्टरता को बढ़ावा देते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
इंटरव्यू में जयशंकर ने मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया, जिसमें भारत ने पाकिस्तान और पीओजेके में 9 स्थानों पर 24 मिसाइल हमले किए थे। इन हमलों में 70 आतंकवादी मारे गए और 60 घायल हुए थे। यह आपरेशन पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए किया गया था। 10 मई को युद्धविराम हुआ, लेकिन जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत के नियम-कायदे और जवाबदेही इसे अलग बनाते हैं।
भारत की जवाबदेही और रणनीति
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत हर कदम पर देश, जनता, मीडिया और नागरिक समाज के प्रति जवाबदेह रहता है। उन्होंने भारत में मौजूद कुछ सेकुलर तत्वों द्वारा पाकिस्तान से तुलना किए जाने को अव्यावहरिक बताते हुए कहा कि भारत अपने सिद्धांतों पर चलता है और अनावश्यक जोखिम नहीं लेता। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी राज्य और सेना आतंकवाद में गले तक डूबी हुई है।
पाकिस्तान से दूरी की नीति
विदेश मंत्री जयशंकर ने सुझाव दिया कि भारत पाकिस्तान के साथ खुद को ज्यादा न जोड़े, क्योंकि दोनों देशों की क्षमताओं में बहुत बड़ा फर्क है। उनका यह कथन हाल के तनावों, जैसे पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में था, जिसके पीछे पाकिस्तान के सेना प्रमुख की मजहबी कट्टरता ही जिम्मेदार थी।

असीम मुनीर के CDF बनने पर भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को गत 4 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) नियुक्त किया है। इस पद पर उनका कार्यकाल 5 वर्ष का है। यह नियुक्ति 27वें संविधान संशोधन के बाद हुई, जिसमें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के पद को समाप्त कर CDF पद सृजित किया गया। भारत ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और इसे जिन्ना के देश की आंतरिक सैन्य व्यवस्था का मामला माना है।

















