नई दिल्ली । बीजेपी नेता अमित मालवीय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य की रेलवे विस्तार व मेट्रो परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण में विफलता के कारण अटकी हुई हैं।
रेल मंत्रालय के आंकड़ों से खुलासा
अमित मालवीय ने भारत सरकार, रेल मंत्रालय के आंकड़े साझा किए, जिनमें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पश्चिम बंगाल राज्य में कई महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं चल रही हैं, लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण वे पूरी तरह/आंशिक रूप से रुकी हुई हैं।
अश्विनी वैष्णव राज्यसभा में पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के सवाल का जवाब दे रहे थे।
भूमि अधिग्रहण में भारी देरी
एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए अमित मालवीय ने लिखा- “पश्चिम बंगाल में रेलवे विस्तार और मेट्रो परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण विफलताओं के कारण अटकी हैं। भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़े चौंकाने वाला सच बताते हैं। पश्चिम बंगाल में चल रही रेलवे परियोजनाओं के लिए 4,564 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, लेकिन राज्य सरकार ने केवल 1,250 हेक्टेयर (27 प्रतिशत) ही दी है। कुल 3,314 हेक्टेयर (73 प्रतिशत) अभी भी लंबित है— जिससे राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं सीधे बाधित हो रही हैं।”
Conclusion
Bengal’s development is being held hostage.
Metro corridors, new railway lines, doubling projects and gauge conversions — all are delayed not because of the Centre, not because of funding, but because the West Bengal Government refuses to provide land, clear… pic.twitter.com/P3JVCwA85N
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 5, 2025
कई परियोजनाएं देरी से प्रभावित
अमित मालवीय ने कहा कि कई परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण विफलताओं की वजह से देरी का सामना कर रही हैं। उन्होंने बताया कि निम्नलिखित परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं-
- नवद्वीपघाट-नवद्वीपधाम नई लाइन
- सैंथिया बाइपास
- नैहाटी-रणाघाट तृतीय लाइन
- कालीगंज-बुनियादपुर नई लाइन
- कैनिंग-बाघनखाली नई लाइन
- चांडिल-अनारा-बंपूर तृतीय लाइन
- आद्रा-सांका-रुक्नी डबलिंग
- कालीपहाड़ी-बख्तरनगर पांचवीं लाइन
- अनारा पर रेल फ्लाईओवर (रुक्नी-अनारा)
- चंदननगर-शक्तिगढ़ चौथी लाइन
- सिवोक-रंगपो रेल लाइन
- गौरीनाथधाम से पुरुलिया तक रेल फ्लाईओवर
- तारकेश्वर-बिष्णुपुर नई लाइन
- देशप्राण-नंदीग्राम नई लाइन (18.5 किमी)
मेट्रो परियोजनाएं भी सहयोग की कमी से प्रभावित
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि मेट्रो परियोजनाएं भी राज्य सरकार के गैर-सहयोग के कारण रुकी हुई हैं।
जोका़–एस्प्लेनेड मेट्रो (14 किमी) :
- जोका–मजेरहाट पूरा
- मजेरहाट–एस्प्लेनेड हिस्सा रुका
- 2020 से 837 वर्ग मीटर (स्थायी) + 1,702 वर्ग मीटर (अस्थायी) भूमि लंबित
- बी.सी. रॉय मार्केट पर 528 अवैध दुकानों का शिफ्ट होना 2022 से लंबित
न्यू गड़िया–एयरपोर्ट मेट्रो (32 किमी) :
- न्यू गड़िया–बेलघाटा पूरा
- बेलघाटा–एयरपोर्ट हिस्सा रुका
- चिंगरीघाटा क्रॉसिंग के लिए अस्थायी डायवर्जन 10 महीने से लंबित
नोआपारा–बरासात मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ी बाधाएं
नोआपारा–बरासात मेट्रो (18 किमी) में न्यू बैरकपुर से बरासात तक (7.5 किमी) का काम रुका हुआ है।
कारण –
- आवश्यक भूमि : 23,000 वर्ग मीटर
- कब्जे : 1,277 झुग्गियां + 764 दुकानें
राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की
बरानगर–बैरकपुर मेट्रो प्रोजेक्ट भी रुका
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का मूल संरेखण 2011 में सहमत हुआ था, लेकिन अब राज्य 90-इंच की पाइपलाइन बनाने पर जोर दे रहा है, जिसकी लागत 1,400 करोड़ रुपये है— यह परियोजना लागत और एमओयू के बाहर है। उन्होंने कहा कि इस पर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) अभी भी लंबित है।
केंद्र कर रहा है भारी निवेश, पर प्रगति भूमि पर निर्भर
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल में भारी निवेश कर रही है।
- 2009-2014 के दौरान वार्षिक बजट : 4,380 करोड़ रुपये
- 2025-26 में वार्षिक बजट : 13,955 करोड़ रुपये (3 गुना बढ़ोतरी)
उन्होंने आगे कहा- “बंगाल के लिए कुल 42 रेलवे परियोजनाएं, 67,991 करोड़ रुपये की लागत से, स्वीकृत की गई हैं। लेकिन प्रगति भूमि पर निर्भर है और राज्य उसे उपलब्ध नहीं करा रहा है”
















