भुवनेश्वर। ओडिशा में अवैध घुसपैठ के खिलाफ चल रही कार्रवाई इस सप्ताह और तेज हो गई है। जगतसिंहपुर और भद्रक जिलों में लगातार अभियान में पुलिस ने 30 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। तटीय और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अवैध रूप से बसने वाले इन घुसपैठियों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है ।
जगतसिंहपुर में नए सिरे से छापेमारी: दारियापुर–तारिकुद क्षेत्र से 21 हिरासत में
जगतसिंहपुर पुलिस ने सदर थानांतर्गत दारियापुर और तारिकुद क्षेत्रों में छापेमारी कर 21 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 15 वयस्क और 6 नाबालिग शामिल हैं। यह अभियान 2 दिसंबर रात करीब 9:30 बजे शुरू हुआ । खुफिया इनपुट के आधार पर यह अभियान चलाया गया था। जानकारी मिली थी कि 15 दिन पहले हुई कार्रवाई के बाद भी संदिग्ध विदेशी नागरिक फिर से इस इलाके में इकट्ठा हो रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्यब्रत दास और एसडीपीओ अज़िंक्य माने के नेतृत्व में कई अधिकारियों और एक पूर्ण प्लाटून बल ने आवासीय बस्तियों के साथ-साथ एक स्थानीय मदरसे की भी जांच की जहां विदेशी नागरिकों के ठहरने की आशंका थी। पुलिस ने संदिग्ध पहचान पत्रों के साथ मिले 15 पुरुषों और महिलाओं को हिरासत में लिया। मदरसे में धार्मिक अध्ययन के नाम पर रहने वाले छह नाबालिगों को भी जांच के लाया गया गया। सभी 21 लोगों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस बैरक ले जाया गया, जहां उनकी राष्ट्रीयता, भारत में प्रवेश मार्ग और संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई से पहले 10 से अधिक लोग वहां से फरार हो गए, हालांकि जिला प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई 16 नवंबर को बेहेरामपुर, तारिकुद में हुई छापेमारी के बाद की जा रही है, जहां कुछ संदिग्ध भागने में सफल रहे थे। उस दौरान अब्दुल मोतलीफ और बहनें परवीन बीबी व सवन आज़मी को पुलिस का विरोध करने पर हिरासत में लिया गया था। वहां से एक देशी हथियार और कई धारदार हथियार भी जब्त किए गए थे। बाद में परवीन बीबी और सवन आज़मी को गिरफ्तार किया गया।
अगले ही दिन प्रशासन ने सिकंदर आलम का अवैध निर्माण ध्वस्त किया, जो कथित रूप से घुसपैठियों को पनाह दे रहा था। 22 नवंबर को सिकंदर और उसके भाई को जाजपुर से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद 20 अन्य संदिग्धों को अथगढ़ स्थित डिटेंशन सेंटर भेजा गया। बावजूद इसके, उसी इलाके में विदेशी नागरिकों की दोबारा मौजूदगी से स्थानीय लोग और पुलिस दोनों चिंतित हैं।
भद्रक में नौ और हिरासत: तटीय सुरक्षा पर कड़ी नजर
जगतसिंहपुर की कार्रवाई के समानांतर, भद्रक तटवर्ती क्षेत्र में भी देर रात बड़ी छापेमारी की गई, जिसमें नौ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए। यह अभियान भद्रक एसपी मनोज राउत की निगरानी में चलाया गया, जिन्होंने समुद्री मार्गों से अवैध प्रवेश की संभावनाओं को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सत्यापन को तेज किया है। बासुदेवपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से आठ और तिहिड़ी से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। एसपी राउत ने स्वयं इन आवासीय बस्तियों, मजदूर समूहों और मछुआरा बस्तियों में रातभर चले अभियान की देखरेख की।
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्तियों ने स्वयं को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन उनके दस्तावेज़ों में कई विसंगतियाँ पाई गईं। एसपी राउत ने कहा कि तटीय सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। समुद्र तट के गांवों में हर संदिग्ध व्यक्ति की पूरी तरह से जांच की जा रही है। भद्रक का तट—जिसमें बासुदेवपुर, तिहिड़ी, चांदबली, धामरा, चुदामणि, कैतखोला और चंदिनीपाल शामिल हैं—पिछले कुछ वर्षों में अवैध घुसपैठ का प्रमुख ठिकाना बनता जा रहा है। इसी पैटर्न को कंधमाल और जगतसिंहपुर जैसे पड़ोसी जिलों में भी देखा गया है।
राज्यव्यापी कार्रवाई जारी रहेगी
जगतसिंहपुर और भद्रक की यह संयुक्त कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि तटीय इलाकों में अवैध बसावट की समस्या व्यापक होती जा रही है। दोनों जिलों में दस्तावेज़ सत्यापन, यात्रा मार्ग, स्थानीय संपर्क और संभावित नेटवर्क की जांच जारी है।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि आने वाले दिनों में तटीय और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में और भी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि बिना वैध दस्तावेज रहने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजा जा सके।व पुलिस ने बताया कि विशेष निगरानी वाले क्षेत्रों में अभियान और अधिक तेज किए जाएंगे।

















