आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुका है। मोबाइल फोन से लेकर बैंकिंग सिस्टम तक, हर जगह AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। भारत में भी यह तकनीक कई काम आसान बना रही है लेकिन इसके गलत इस्तेमाल के मामले भी सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला हाल ही में भारतीय रेल में सामने आया, जिसने सबको चौंका दिया। मध्य रेलवे जोन में तीन यात्री पकड़े गए, जो AI की मदद से फर्जी ट्रेन टिकट बनाकर यात्रा कर रहे थे। रेलवे ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए यात्रियों में एक महिला भी शामिल थी और सभी साधारण से नहीं, बल्कि अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
कैसे हुआ खुलासा- मध्य रेलवे के टीटीई प्रशांत कामले यात्रियों के टिकट चेक कर रहे थे। तभी उन्हें कुछ टिकटों में गड़बड़ी दिखाई दी। जांच करने पर पता चला कि तीनों टिकटों पर एक ही UTS नंबर लिखा हुआ है। यह नंबर हर टिकट पर अलग होता है, इसलिए सबको शक हो गया। जैसे रिजर्वेशन टिकट पर पीएनआर नंबर होता है, वैसे ही अनरिजर्व्ड टिकट पर UTS नंबर होता है। यह नंबर कभी भी दो टिकटों में एक जैसा नहीं हो सकता। AI से टिकट बनाते समय अपराधियों ने यही गलती कर दी और पकड़ में आ गए।
UTS ऐप क्या है और इसकी क्या जरूरत है- रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए UTS मोबाइल ऐप शुरू किया है। इस ऐप से टिकट बुक होने के बाद- टिकट ऐप में ही दिखाई देता है, टिकट की अलग से प्रिंट या फोटो की जरूरत नहीं होती, टिकट में फर्जीवाड़ा करने की संभावना बेहद कम रहती है। इसीलिए टीटीई हमेशा यही कहते हैं कि यात्री UTS ऐप खोलकर टिकट दिखाएं। यदि कोई केवल स्क्रीनशॉट, फोटो या किसी दूसरे तरीके से टिकट दिखाता है तो वह अमान्य माना जाता है। रेलवे के अनुसार कई लोग फोटो या एडिटिंग टूल का इस्तेमाल कर टिकट में बदलाव कर लेते हैं, जिससे फर्जी टिकट का खतरा रहता है।
AI से फर्जी टिकट बनाना क्यों खतरनाक है- एक ऐसी तकनीक है जो सही दिशा में उपयोग होने पर समाज के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। लेकिन गलत हाथों में यह तकनीक अपराध बढ़ा सकती है। फर्जी टिकट बनाना सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार- फर्जी टिकट बनाना एक गंभीर कानूनी जुर्म, ऐसे व्यक्ति को 5 से 7 साल की जेल हो सकती है, साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया जाता है। इस मामले में पकड़े गए तीनों यात्रियों पर भी यही कार्रवाई की जा रही है। भारतीय रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा करते समय हमेशा वैध टिकट रखें। अनरिजर्व्ड टिकट बुक करने के लिए UTS ऐप का ही इस्तेमाल करें और टिकट दिखाते समय ऐप ही खोलें।

















