ऑपरेशन सागर बंधु: भारत ने श्रीलंका में 150 को बचाया, 2 हजार भारतीयों को निकाला, चक्रवात दितवाह का पड़ा बड़ा असर
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ऑपरेशन सागर बंधु: भारत ने श्रीलंका में 150 को बचाया, 2 हजार भारतीयों को निकाला, चक्रवात दितवाह का पड़ा बड़ा असर

विभिन्न देशों के 150 से अधिक लोगों को बचाया है। खराब मौसम के कारण फंसे हुए 2 हजार से अधिक भारतीयों को स्वदेश लाया गया।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Sudhir Kumar Pandey
Dec 1, 2025, 09:07 pm IST
inभारत

नई दिल्ली, (हि.स.)। भारत ने चक्रवात दितवाह से भीषण बाढ़ और जान-माल के नुकसान का सामना कर रहे श्रीलंका को मदद के लिए तीन दिन से जारी सहायता अभियान ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ में अब तक 53 टन राहत सामग्री भेजी है। इसके साथ ही विभिन्न देशों के 150 से अधिक लोगों को बचाया है। खराब मौसम के कारण फंसे हुए 2 हजार से अधिक भारतीयों को स्वदेश लाया गया।

विदेश मंत्रालय ने 28 नवंबर से चल रहे ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ में अब तक के राहत एवं बचाव कार्य की सोमवार को जानकारी दी। भारत ने श्रीलंका में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन में मदद के लिए विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को तैनात किया है। मंत्रालय का कहना है कि भारत जरूरत के समय में श्रीलंका की सरकार और लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और बचाव राहत और जल्द से जल्द सामान्य जीवन की बहाली के लिए हर संभव सहायता दे रहा है।

इन देशों के यात्रियों को बचाया

मंत्रालय ने बताया कि बचाव कार्य में सुरक्षित निकाले गए नागरिक श्रीलंका, भारत, जर्मनी, स्लोवेनिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, पोलैण्ड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के थे। फंसे भारतीय नागरिकों को भी भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों के साथ-साथ वाणिज्यिक उड़ानों के माध्यम से निकाला गया।

भारत ने सबसे पहले की मदद

भारत की ओर से श्रीलंका को अबतक कुल 53 टन राहत सामग्री भेजी गई है। सबसे पहले आगे आते हुए भारत ने ने तुरंत कोलंबो में भारतीय नौसेना के दो जहाजों से 9.5 टन राशन दिया और 31.5 टन राहत सामग्री एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय वायुसेना के तीन विमान भेजे। ऑन-साइट ट्रेनिंग के लिए 5 लोगों की मेडिकल टीम, और बचाव के कामों में मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 80 लोगों की स्पेशल अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू (यूएसएआर) टीमें भेजी गईं। भारतीय नौसैनिक पोत सुकन्या पर 12 टन अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी गई। श्रीलंकाई वायु सेना के साथ समन्वय में, आईएनएस विक्रांत पर तैनात चेतक हेलीकॉप्टरों और भारतीय वायु सेना के एमआई.-17 हेलीकॉप्टरों ने व्यापक बचाव अभियान चलाया, जिसमें गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और गंभीर रूप से घायल लोगों सहित फंसे हुए लोगों को निकाला गया।

श्रीलंका में 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित, अब तक 334 की मौत

श्रीलंका में चक्रवात दितवाह से बड़ी तबाही हुई है। 10 लाख अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक तौर पर अब तक 334 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। देश हाल के वर्षों में अपनी सबसे बुरी कुदरती आफतों में से एक से जूझ रहा है। खराब मौसम के कारण पूरा द्वीप बाढ़ से घिर गया है। भूस्खलन ने आवागमन के साधनों को लील लिया है।

सीलोन टुडे की रिपोर्ट के अनुसार 30 नवंबर की शाम छह बजे आपदा प्रबंधन केंद्र ने जानकारी दी कि दित्वा से अब तक 309,607 परिवारों के 1,118,929 लोग प्रभावित हुए हैं। देशभर में मरने वालों की संख्या बढ़कर 334 हो गई है, जबकि 370 लोग अभी भी लापता हैं। दित्वा ने कैंडी जिले में सबसे ज्यादा कहर बरपाया है। अकेले इस जिले में 88 लोगों की जान गई है और 150 लोग लापता हैं। बादुला में 71 मौतें और 53 लोग लापता, नुवारा एलिया में 68 मौतें और 64 लापता और कुरुनेगला में 37 मौतें और 35 लापता बताए गए हैं। करीब 55,747 परिवारों के 196,790 लोग देश भर के 1,494 सुरक्षित केंद्रों में आश्रय लिए हुए हैं। बडुल्ला, गम्पाहा और कोलंबो में सबसे अधिक लोग बेघर हुए हैं।

Topics: चक्रवात का असरऑपरेशन सागर बंधुचक्रवात दितवाहसाइक्लोन का असरदितवाह से तबाहीश्रीलंका में साइक्लोन
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