दिल्ली की राजनीति में उपचुनाव से ठीक पहले बड़ा सनसनीखेज मोड़ आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता, दिल्ली उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश गुप्ता ने शनिवार को अचानक भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। बीजेपी मुख्यालय में उनका स्वागत किया गया, जिससे दिल्ली की सियासी हलचल तेज हो गई है।
राजेश गुप्ता ने AAP छोड़ने का कारण स्पष्ट करते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि AAP अब अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है और भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भावुक होते हुए उन्होंने फूट-फूटकर कहा कि पार्टी में उनकी 10 साल की मेहनत को भुला दिया गया है। उन्होंने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज पर भी व्यक्तिगत आरोप लगाए और बताया कि पार्टी में उनके संपर्क को नजरअंदाज किया गया। “मेरी मेहनत और पार्टी के शुरुआती सिद्धांतों को अब महत्व नहीं दिया जाता। मैं अब विकास और राष्ट्रवाद की दिशा में काम करने के लिए बीजेपी के साथ जुड़ रहा हूँ।”
बीजेपी में शामिल होने के बाद दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सचदेवा ने कहा कि “AAP की यह आपदा अब बीजेपी की ताकत बनेगी। पार्टी से अलग हुए नेता हमारी टीम को मजबूत करेंगे और दिल्ली के विकास में योगदान देंगे।” राजेश गुप्ता के शामिल होने से दिल्ली में होने वाले MCD उपचुनाव से पहले AAP के लिए चुनौती और बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना का सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है, जो उपचुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। इस तरह, दिल्ली की सियासत में एक नया मोड़ आया है, जहां वरिष्ठ नेताओं की हाशिए पर जाने और दल बदल की खबरों ने राजनीतिक समीकरण बदलने का संकेत दे दिया है।

















