हिंद की चादर साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज की शहीदी के 350वें वर्ष को समर्पित समागम
July 20, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत दिल्ली

हिंद की चादर साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज की शहीदी के 350वें वर्ष को समर्पित समागम

27 नवंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350वें वर्ष पर भव्य शहीदी समागम आयोजित। डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. चरन सिंह ने असहिष्णुता के विरुद्ध गुरु जी के बलिदान को याद किया।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Nov 29, 2025, 11:31 am IST
in दिल्ली

नई दिल्ली। नौवीं पातशाही साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज की शहादत के 350वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में “नौवीं पातशाही शहीदी समागम” का आयोजन किया गया। “साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी शहीदी 350वाँ साला आयोजन समिति, दिल्ली” के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. चरन सिंह (पूर्व अध्यक्ष, पंजाब एंड सिंध बैंक) मुख्य अतिथि तथा डॉ. कृष्ण गोपाल (सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) मुख्य वक्ता तथा प्रो. जगबीर सिंह विशिष्ट वक्ता थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोजन समिति के अध्यक्ष जस्टिस तलवंत सिंह (सेवानिवृत्त), दिल्ली उच्च न्यायालय ने की।

इस समागम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. चरन सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहब ने अपने बलिदान से समूचे संसार को संदेश दिया है कि आध्यात्मिकता को भौतिकता का मार्गदर्शक होना चाहिए। उन्होंने मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देने का संदेश दिया है। डॉ. चरन सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस पर अयोध्या में श्री राम मंदिर का ध्वजारोहण होना हम सब की अटूट एकात्मता एवं धर्म की विजय का प्रतीक है।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की पृष्ठभूमि को समझने की जरूरत है। यह संघर्ष किसी भी सभ्यता के साथ समन्वय न करने वाली आक्रमणकारी विचारधारा के साथ भारतीय परंपरा के विचार का था । भारतीय विचार मानता है की हजारों मत एक साथ मिलकर रह सकते हैं। आक्रमणकारी यहां के लोगों को मतांतरित करने के उद्देश्य से आए थे । श्री गुरु नानक देव जी ने बाबर की सेना को पापियों की बारात और उसे कसाई राजा बताया। 1669 मे औरंगजेब ने मंदिरों गुरुकुलों को ध्वस्त करने और हिंदुओं पर जजिया कर लगाने का आदेश जारी किया तब श्री गुरु तेग बहादुर जी ने इसके विरुद्ध समाज के जागरण हेतु आत्मोत्सर्ग का निर्णय किया। यहां बात औरंगजेब की नहीं बल्कि असहिष्णुता के विरुद्ध संघर्ष की है जिसकी सीख श्री गुरु परंपरा ने दी है।

गुरुओं की सीख-भय मुक्त समाज

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि गुरुओं की सीख है कि समाज को सभी प्रकार के भय से मुक्त होना चाहिये चाहे वह मृत्यु का ही भय हो और अत्याचार के विरूद्ध मिलकर संघर्ष करना चाहिए ।डॉ कृष्ण गोपाल ने कहा की विचारधारा की वह लड़ाई आज भी जारी है जिसमें एक वर्ग किसी भी कीमत पर अपनी बात मनवाने पर अड़ा हुआ है, जबकि दूसरा वर्ग सब को साथ लेकर चलने की बात करता है। दुर्भाग्य की बात है कि औरंगजेब को महान मानने की विचारधारा इस देश में आज भी मौजूद है और उसकी महानता का गुणगान करने वाले बड़े-बड़े लोग हैं जिन्हें यह समझना चाहिए कि इतिहास को छिपाने से कुछ नहीं होगा। यही वह असहिष्णु विचारधारा है, जिसके विरुद्ध श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अपनी शाहदत दी थी।इसी असहिष्णु विचारधारा ने देश का बंटवारा कर दिया।

समागम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर जगबीर सिंह ने कहा कि आज भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के बारे में जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा कि भारत में जन्मे सभी धर्म परंपराओं से अलग करके सिख धर्म को नहीं देखा जाना चाहिए। आयोजन समिति के अध्यक्ष जस्टिस तलवंत सिंह ने समागम को संबोधित करते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहादत का दिन हमारे लिए आत्ममंथन का दिन है कि हम उनकी शहादत के संदेश को जीवन में उतरें। श्री गुरु तेग बहादुर जी के संदेशों की याद दिलाते हुए उन्होंने ऐसे भारत का निर्माण करने का संकल्प लेने की बात कही जहां वसुधैव कुटुंबकम, सर्वधर्म समभाव,वैश्विक शांति और सहिष्णुता सर्वोपरि हो।

इस शहीदी समागम की आयोजन समिति मे दिल्ली के सभी मत ,पंथ,समुदायों जैसे कि वाल्मीकि समाज, संत रविदास समाज, बौद्ध समाज ,जैन समाज एवं बंजरा समाज आदि की सहभागिता रही। सर्व हिन्दू समाज के लोगों ने इस कार्यक्रम के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान, मानवता, धर्म रक्षा और सहिष्णुता के मूल्यों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

Topics: Guru Tegh Bahadurगुरु तेग बहादुर बलिदानगुरु तेग बहादुर शहादत 350 सालगुरु तेग बहादुर शहीदी समागम 2025हिंद दी चादर गुरु तेग बहादुरGuru Tegh Bahadur Martyrdom 350 yearsGuru Tegh Bahadur Martyrdom Sammelan 2025Guru Tegh Bahadur SacrificeHind Di Chadar Guru Tegh Bahadurगुरु तेग बहादुर
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर प्रतिनिधि सभा का शुभारंभ करते सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत और श्री सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले प्रतिनिधि सभा के मंच पर विराजमान

RSS : संगठित होती सज्जन-शक्ति

राजनीति नहीं, आस्था और सदन की गरिमा का मामला : कपिल मिश्रा का आतिशी पर हमला, पूछा- कहां हैं आतिशी मार्लेना?

गुरु तेगबहादुर का अपमान : SGPC का सख्त नोटिस, कहा- ‘रद्द की जाए आतिशी की सदस्यता’

श्री गुरु तेग बहादुर

गुरु तेग बहादुर: वह दुर्लभ रत्न, जो “हिंद की चादर” बने

मुगल आक्रांता औरंगजेब के आदेश पर गुरु तेग बहादुर का शीश कलम करने का फरमान सुनाता काजी

श्री गुरु तेग बहादुर : शीश दिया, पर झुके नहीं

इस्लामिक कट्टरता के खिलाफ गुरु तेग बहादुर के प्रतिरोध की मुखर आवाज

Load More

ताज़ा समाचार

Fifa world cup Supar Sunday

खेल जगत का सुपर संडे: फुटबॉल, क्रिकेट और बैडमिंटन की धमाकेदार जीत

US Gulf war

खाड़ी युद्ध तेज: ईरान पर अमेरिका का 9वां हमला, ड्रोन नष्ट करते हुए एक और अमेरिकी सैनिक शहीद

Spain becomes new FIFA world cup champion

फुटबॉल का बेताज बादशाह बना स्पेन, अर्जेंटीना को 1-0 से रौंद बना फीफा विश्वकप चैम्पियन

Iraq Syria oil pipeline

ईराक-सीरिया क्रूड ऑयल पाइपलाइन: होर्मुज स्ट्रेट का विकल्प तैयार, तेल निर्यात को नई राह

‘सच्चा योगी’ वह नहीं है जो जंगल चला जाए

आज का राशिफल

20 जुलाई का राशिफल: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें किसे मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

आज का इतिहास

आज का इतिहास: 20 जुलाई को इतिहास में दर्ज हुईं ये बड़ी घटनाएं, हर किसी को जाननी चाहिए

क्या अंग्रेजों ने बनाया था भारत? जानिए विष्णु पुराण के उस श्लोक का सच, जिसने हजारों साल पहले तय कर दी थी देश की सीमा!

Moga Police Station Hand Grenade Attack 13 Terrorists Arrested Four Women UAPA Punjab Police Ferozepur

पंजाब के मोगा में पुलिस स्टेशन पर हमला: 4 महिलाओं समेत 13 आतंकी गिरफ्तार, UAPA के तहत केस दर्ज!

Constitutional Balance in Democracy Protest vs Governance Constitutional Institutions Parliament Judiciary Sonam Wangchuk Panchjanya

Constitutional Balance in Democracy: लोकतंत्र और भीड़तंत्र के बीच संवैधानिक संतुलन क्यों है जरूरी? जानिए समकालीन चुनौती

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies