ऑपरेशन सागर बंधु: श्रीलंका में साइक्लोन दित्वाह ने भारी तबाही मचा दी है। 16 नवंबर से शुरू हुई बारिश और बाढ़ ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। अब तक कम से कम 80 लोगों की जान जा चुकी है। डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर के मुताबिक, 61 मौतें हुई हैं और 25 लोग लापता हैं। करीब 44,000 लोग, जो 12,000 से ज्यादा परिवारों से हैं, प्रभावित हुए हैं। चार घर पूरी तरह ढह गए, जबकि 600 से ज्यादा घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा। ऐसे में भारत ने अपने पड़ोसी की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए राहत सामग्री रवाना कर दी है।
चेतावनी और मौसम का हाल
श्रीलंका के मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी। उत्तरी, उत्तर-मध्य, मध्य, उत्तर-पश्चिमी, सबरागमुवा और पश्चिमी प्रांतों में 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होने की बात कही गई। त्रिंकोमाली, बादुल्ला, गल और मातारा के कुछ हिस्सों में 150 मिलीमीटर से ऊपर बारिश रिकॉर्ड हुई। केलानी और अत्तनागल्लू नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिससे वेस्टर्न प्रांत में ‘अभूतपूर्व आपदा’ की स्थिति पैदा हो गई। लैंडस्लाइड की आशंका भी बनी रही।
भारत की तत्काल मदद
भारत ने श्रीलंका की मुश्किल में फौरन हाथ बढ़ाया। 28 नवंबर को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया गया। यह भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी और ‘विजन महासागर’ का हिस्सा है। इंडियन नेवी का एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत और फ्रंटलाइन वॉरशिप आईएनएस उदयगिरि कोलंबो पहुंचे। इनसे पहली खेप की राहत सामग्री श्रीलंकाई अधिकारियों को सौंपी गई।
12 टन राहत सामग्री का एयरलिफ्ट
29 नवंबर को इंडियन एयर फोर्स का सी-130जे विमान कोलंबो लैंड किया। इसमें करीब 12 टन मानवीय सहायता थी। इसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और रेडी-टू-ईट फूड आइटम शामिल थे। ये चीजें बाढ़ प्रभावित लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भेजी गईं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया साइट एक्स के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “ऑपरेशनसागरबंधु अनफोल्ड्स। आईएएफ_एमसीसी सी-130जे प्लेन ने करीब 12 टन मानवीय सहायता लेकर कोलंबो में लैंड किया। इसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और रेडी-टू-ईट फूड आइटम हैं।”
#OperationSagarBandhu unfolds. @IAF_MCC C-130 J plane carrying approx 12 tons of humanitarian aid including tents, tarpaulins, blankets, hygiene kits, and ready-to-eat food items lands in Colombo.
🇮🇳 🇱🇰 pic.twitter.com/btzlnZeO8x
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) November 29, 2025
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर संवेदना जताई। उन्होंने श्रीलंका के लिए दुख व्यक्त किया और कहा कि भारत ने राहत सामग्री और क्रिटिकल एचएडीआर उपकरण भेजे हैं। श्रीलंका को अपना “सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी” बताते हुए उन्होंने लिखा, “हम स्थिति के अनुसार और ज्यादा मदद के लिए तैयार हैं।” यह सहायता भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और विजन महासागर पर आधारित है।













