कश्मीर घाटी में आतंकवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। बैन संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) से जुड़े लोगों के ठिकानों पर सात जिलों में ताबड़तोड़ छापे मारे गए। ये कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें जेईआई के सदस्यों के एंटी-नेशनल एक्टिविटी में लिप्त होने के सबूत मिले थे। इसका मकसद आतंकी नेटवर्क और उनके सपोर्टर्स को जड़ से खत्म करना है। पुलिस ने घरों, बिजनेस प्लेस और संस्थानों को निशाना बनाया, जहां से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, डॉक्यूमेंट्स और लिटरेचर जब्त किए गए।
छापेमारी के मुख्य ठिकाने और एक्शन
छापे सात जिलों—श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बडगाम और कुपवाड़ा—में पड़े। श्रीनगर में सबसे ज्यादा फोकस रहा, जहां जेईआई से जुड़े लोगों के घरों और दुकानों पर दबिश दी गई। चानपोरा में उमर सुल्तान गुरु के ठिकाने पर छापा पड़ा। मंदर बाग घाट में बडगाम के मोहम्मद अब्दुल्लाह वानी के घर की तलाशी ली गई। बेमिना में गुलाम मोहम्मद भट, लाल बाजार में मोहम्मद रमजान नायक उर्फ फहीम, हरवान में बशीर अहमद लोन और नौगाम चौक में मनजूर अहमद के ठिकानों पर भी पुलिस पहुंची। इन जगहों से संदिग्ध सामान बरामद हुआ।
साउरा में मोहम्मद रमजान लोन से जुड़े रमजाना मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और शहीद जाहगिर से लिंक्ड रमजाना मेमोरियल स्कूल पर भी छापेमारी हुई। नौगाम में पीर गयासुद्दीन के फलाह रिसर्च रमजान सेंटर को चेक किया गया। कुल मिलाकर, ये छापे जेईआई के आइडियोलॉजी से जुड़ी संस्थाओं को टारगेट कर रहे थे।
संस्थाओं और बिजनेस पर नजर
जेईआई से लिंक्ड कई संस्थाएं रडार पर थीं। श्रीनगर के लाल बाजार में जमिया-उल-बनात, बाग-ए-नंद सिंह में कश्मीर यूनिवर्सिटी के चट्टाबल कैंपस, चट्टाबल में राहत मंजिल (जेकेवाई यतीम खाना), मईसुमा में चिनार पब्लिकेशन ट्रस्ट और अल-कौसर बुक शॉप पर दबिश दी गई। ये जगहें संगठन के प्रचार और सपोर्ट के लिए इस्तेमाल हो रही थीं। उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के वारिपोरा, हंदवाड़ा में जमिया इस्लामिया इंस्टीट्यूशन पर भी छापा पड़ा। यहां अवैध एक्टिविटी और जेईआई कनेक्शन की खबर मिली थी। पुलिस ने इन संस्थाओं से डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए।
जमात के कई नाम आए सामने
छापों में कई नाम सामने आए, जो जेईआई के मेंबर्स या अफिलिएट्स हैं। उमर सुल्तान गुरु, मोहम्मद अब्दुल्लाह वानी, गुलाम मोहम्मद भट जैसे लोग रेजिडेंशियल एरिया में रहते थे, जबकि बशीर अहमद लोन और मनजूर अहमद बिजनेस से जुड़ा है। मोहम्मद रमजान नायक उर्फ फहीम लाल बाजार में सक्रिय था। इनके अलावा, शहीद जाहगिर और पीर गयासुद्दीन संस्थाओं के जरिए भी जमात की मदद की गई। खुफिया इनपुट के मुताबिक, ये लोग रीजनल सिक्योरिटी को खतरे में डालने वाली एक्टिविटी में शामिल थे।
कई जिलों में समान पैटर्न
अन्य जिलों में भी समान पैटर्न देखा गया। अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और बडगाम में जेईआई के हिडआउट्स पर रेड्स हुईं। ये जगहें मुख्य रूप से रेजिडेंशियल और एजुकेशनल साइट्स थीं। कुपवाड़ा में हंदवाड़ा का जमिया इस्लामिया स्पेशल टारगेट रहा, जहां संभावित अवैध कामों की जानकारी थी। कुल मिलाकर, ये छापे आतंकी इकोसिस्टम को कमजोर करने की दिशा में एक कदम हैं। जब्त सामान से और डिटेल्स निकलने की उम्मीद है।

















