अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति आवास व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर बुधवार दोपहर गोलीबारी की एक गंभीर घटना सामने आई। हाई-प्रोफाइल सुरक्षा क्षेत्र में गश्त कर रहे वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो जवानों पर एक संदिग्ध ने अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2:15 बजे हुई। गोली लगने के बाद तुरंत दोनों जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस घटना को अंजाम देने वाले 29 वर्षीय अफगानी नागरिक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। अब जानकारी सामने आई है कि वह अमेरिका सेना में सैनिक के रूप में काम कर चुका है। सूत्रों के हवाले से बताया कि रहमानुल्लाह लकनवाल जिसने व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की, वह अफगानी शासन के दौरान 01 यूनिट में कार्यरत था। यह एक ऐसी यूनिट थी जिसकी स्थापना, प्रशिक्षण और उपकरण अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा किए गए थे।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट चीफ जेफरी कैरोल ने बताया कि फायरिंग के तुरंत बाद नेशनल गार्ड के सदस्यों ने हमलावर को काबू में कर लिया। संदिग्ध को भी गोली लगी है, लेकिन उसकी चोटें गंभीर नहीं हैं। उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उसके पास कोई पहचान दस्तावेज नहीं मिला और वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने इस हमले को संघीय अधिकारियों पर सीधा हमला बताते हुए इसे एक “घिनौना अपराध” करार दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इसमें शामिल दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। वहीं वॉशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरिल बाउजर ने इसे एक सुनियोजित हमला बताते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमलावर ने नेशनल गार्ड को निशाना बनाया है और उसे अपने अपराध की “भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंप प्रशासन ने तुरंत एक संघीय अपील कोर्ट का रुख करते हुए राजधानी में नेशनल गार्ड की तैनाती पर रोक लगाने वाले हालिया फैसले पर आपातकालीन स्टे की मांग की है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही एक डिस्ट्रिक्ट जज ने डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती को गैर-कानूनी ठहराया था। इधर वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर ने पहले दोनों जवानों की मौत की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में बयान वापस लेते हुए कहा कि उन्हें सैनिकों की स्थिति को लेकर “विभिन्न रिपोर्ट्स” मिल रही हैं और आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया है और हमले के पीछे की मंशा की जांच जारी है।











