नई दिल्ली: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर रस्साकशी काफी बढ़ गई है। सूबे से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के भीतर घमासान मचा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि अगर कांग्रेस हाई कमान तय करती है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहिए तो वे तैयार हैं। दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार का कहना है कि हमें जमीर या अंत:करण के मुताबिक काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहते।
बता दें कि सूबे में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच पिछले लंबे समय से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। शिवकुमार के कई समर्थकों का कहना है कि दोनों नेताओं को 2.5-2.5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी। हालांकि सिद्धारमैया इससे इनकार करते हैं।
सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच रस्साकशी
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज तब हुई जब राज्य की कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच पावर शेयरिंग समझौते की बातें सामने आने लगीं। यह चर्चा चल पड़ी कि क्या अब डीके शिवकुमार को अगले ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है। इसके बाद दोनों नेताओं के बयान तेजी से आने लगे। वहीं, कुछ महीने पहले हाई कमान ने कैबिनेट फेरबदल की मंजूरी दी थी। उस समय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार 2.5 साल पूरा करे उसके बाद बदलाव होगा। अब वह कह रहे हैं कि हाई कमान जो फैसला करेगी, वही मान्य होगा। पिछले हफ्ते कुछ डीके शिवकुमार के समर्थक विधायक दिल्ली गए और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले। इसके बाद सिद्धारमैया ने खरगे से बेंगलुरु में एक घंटे से ज्यादा लंबी बैठक की।

सीएम पद के आंतरिक झगड़े पर अब शिवकुमार ने कहा- जमीर पर यकीन करता हूं
वहीं, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है कि वह पार्टी को किसी भी हाल में शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहते। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपने जमीर के मुताबिक काम करना चाहिए। उन्होंने कहा ‘मैं जमीर पर यकीन करता हूं। हमें जमीर या अंत:करण के मुताबिक काम करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के बीच सूबे की सत्ता हस्तांतरण बात के बारे में कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। यह 5-6 लोगों के बीच का गुप्त मामला है। कुछ विधायकों के दिल्ली जाने और उन्हें सीएम बनाने की कोशिश के बारे में पूछे जाने पर डीके शिवकुमार ने कहा कि मैंने उन्हें नहीं बुलाया, न भेजा। मैं यह नहीं पूछूंगा कि तुम क्यों गए?













