भारत में स्वास्थ्य बीमा नियमों में बड़ा सुधार किया गया है। अब एक ही पॉलिसी में विस्तारित परिवार जैसे ससुराल पक्ष, भतीजे-भतीजियां, आश्रित सदस्य और अन्य करीबी रिश्तों को भी शामिल किया जा सकेगा। नए नियमों के अनुसार व्यक्तिगत, मल्टी-इंडिविजुअल और Family Floater Health Insurance योजनाओं में अधिक प्रकार के रिश्तों को जोड़ा जा सकेगा। रिन्यूवल के समय ‘नए रिश्तों’ को जोड़ने की अनुमति भी दी जा सकती है।
अलग-अलग हो सकते हैं बीमा कंपनियों के नियम
हर बीमा कंपनी सभी रिश्तों को कवर नहीं करती। कौन से रिश्ते शामिल होंगे और कितने वयस्क जोड़े जा सकते हैं, यह आपकी Health Insurance Policy पर निर्भर करेगा। इसलिए पॉलिसी लेने से पहले दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना आवश्यक है।
कवरेज और प्रीमियम में हो सकता है अंतर
विभिन्न योजनाओं में कवरेज, लिमिट और प्रीमियम में काफी अंतर हो सकता है। इसलिए तुलना करके ही पॉलिसी चुनना बेहतर है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
परिवार के अधिक सदस्यों को बीमा का लाभ
यह बदलाव उन परिवारों के लिए खास है जो अपने Extended Family Members को भी स्वास्थ्य सुरक्षा देना चाहते हैं। अब ससुराल वाले, आश्रित संबंधी और अन्य करीबी रिश्तेदार भी एक ही पॉलिसी से लाभान्वित हो सकेंगे।
टैक्स लाभ भी मिल सकता है
यदि पॉलिसी पात्रता के अंतर्गत आती है, तो इस बीमा पर चुकाए गए प्रीमियम पर Section 80D के तहत टैक्स लाभ भी लिया जा सकता है।












