राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी पर आगरा में प्रमुख जन गोष्ठी आयोजित हुई। इस अवसर पर सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ को समझना है तो संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी की देशभक्ति को याद करना होगा। वे देश की आजादी के लिए क्रांतिकारी बने, लेकिन समाज को स्वतंत्रता के पश्चात क्या दिशा देनी है, उन्होंने यह चिंतन भी किया।
संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। यह संगठन का उत्सव नहीं, बल्कि समाज की एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। हमें यह संकल्प लेना है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राष्ट्र-प्रेम की भावना पहुंचाने की दिशा में शताब्दी की यात्रा समर्पित हो।
उन्होंने कहा कि संघ की उपलब्धि क्या है, हम यह नहीं कहते। लेकिन यदि संघ नहीं होता तो क्या होता, यह चिंतन का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ही भारत विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो सकेगा। राष्ट्र की सेवा में बलिदान हुए लोगों में सेना, पुलिस के बाद संघ के स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान है।
गोष्ठी में महानगर के अनेक प्रमुख व्यवसायी, शिक्षाविद्, चिकित्सक, अधिवक्ता, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, आर्थिक, धार्मिक व क्रीड़ा क्षेत्र के बन्धु/भगिनी, साहित्यकार, सामाजिक प्रमुख, मातृशक्ति आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर संघ के संगठनों द्वारा विविध क्षेत्रों में चलाए जा रहे सामाजिक, शैक्षणिक, सेवा एवं राष्ट्रीय जागरण के कार्यों की जानकारी भी दी गई।

















