रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: “सीमाएं बदल सकती हैं, सिंध फिर भारत की गोद में लौट सकता है”
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: “सीमाएं बदल सकती हैं, सिंध फिर भारत की गोद में लौट सकता है”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “सीमाएं बदल सकती हैं, सिंध फिर भारत की गोद में लौट सकता है”। सिंधी हिंदुओं के बीच दिया भावुक बयान।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Nov 24, 2025, 08:48 am IST
inभारत
राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान का हिस्सा कहे जा रहे सिंध प्रांत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक एक कार्यक्रम में दो टूक कहा कि सीमाएं तो बदल सकती हैं, और सिंध फिर से भारत की गोद में लौट सकता है। ये बातें उन्होंने सिंधी हिंदुओं के बीच कही, जो बंटवारे की त्रासदी को आज भी महसूस करते हैं। 1947 के बंटवारे के बाद सिंध पाकिस्तान में चला गया था।

सिंध के बंटवारे की वो काली यादें

बात 1947 की है, जब देश आजाद हुआ, लेकिन खुशी के साथ आया बंटवारे का दर्द। सिंध प्रांत, जो सिंधु नदी के किनारे बसा है, पाकिस्तान चला गया। वहां के लाखों हिंदू परिवारों को अपना सब छोड़कर भारत आना पड़ा। राजनाथ सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की किताब का हवाला दिया कि आडवाणी जी खुद सिंध के थे, और उनकी पीढ़ी आज भी इस अलगाव को हजम नहीं कर पाई। सिंह ने कहा, “आडवाणी जी की किताब पढ़िए, तो पता चलेगा कि सिंध का दर्द कितना गहरा है।” ये शब्द सुनकर लगता है जैसे वो पुरानी जख्मों को फिर से कुरेद रहे हों, लेकिन उम्मीद की किरण भी जला रहे हों।

सिंधु नदी: हमारी साझा धरोहर

रक्षा मंत्री ने सिंधु नदी का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे भारत में हिंदू सिंधु को पवित्र मानते हैं, ठीक वैसे ही जैसे गंगा को। लेकिन दिलचस्प बात ये कि सिंध के कई मुसलमान भी इस नदी के पानी को मक्का के आब-ए-जमजम से कम नहीं आंकते। उन्होंने जोर देकर कहा, “सिंध के लोग, जो सिंधु को अपना मानते हैं, वो हमेशा भारत के अपने रहेंगे।” इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि सिंध प्रांत भले ही आज भारत का हिस्सा नहीं है, लेकिन, सभ्यतागत रूप से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा। रही बात सीमाओं की तो कौन जाने कि कल को सिंध फिर से भारत में शामिल हो जाए।

पाकिस्तान के साथ रिश्ते: बदलाव की गुंजाइश

ये बयान अकेला नहीं है। कुछ हफ्ते पहले, 22 सितंबर को मोरक्को में भारतीय समुदाय से बात करते हुए सिंह ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) का भी जिक्र किया। कहा कि भारत बिना जंग के पीओके वापस पा सकता है, क्योंकि वहां के लोग कब्जाकर्ताओं से आजादी मांग रहे हैं। उनका विश्वास है कि पीओके खुद-ब-खुद भारत का हो जाएगा। ये दोनों बयान मिलकर एक बड़ा संदेश देते हैं – शांति से, लेकिन दृढ़ता से, हम अपनी जमीनें वापस ले सकते हैं। सिंध का मुद्दा उठाकर सिंह ने न सिर्फ इतिहास को याद दिलाया, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी खोल दिया।

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कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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