मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज रुड़की के जीवनदीप आश्रम में आयोजित पांच दिवसीय भव्य धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में कहा कि देश में सनातन जागरण का युग चल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सनातन संस्कृति के रक्षक परम पूज्य संतों, धर्मगुरुओं एवं भक्तों का स्वागत करते हुए कहा कि संत समाज एक जीवित तीर्थ की तरह है, जो समाज को सद्मार्ग की ओर प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री धामी ने परम पूजनीय पद्म भूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज को श्रद्धांजलि दी और परम पूजनीय जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि जी महाराज समेत सभी संतों को नमन किया। उन्होंने कहा कि संतों की दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा भर देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन दीप सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय उत्सव के दौरान शत चंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1,100 कन्याओं का पूजन, शिक्षण सामग्री का वितरण और पांच कन्याओं का सामूहिक विवाह जैसे आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम समाज को सेवा का एक अद्भुत संदेश दे रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ऑडिटोरियम, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार और शहीद चौक का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शहीद चौक हमारे अमर शहीदों के साहस और देशभक्ति का स्मारक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मेन रोड से सुनहरा मार्ग तक के चौराहे का नाम शहीद चौक रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज ने राष्ट्र, धर्म एवं मानवता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर समाज को त्याग, करुणा एवं सेवा का पवित्र मार्ग दिखाया। उन्हीं की प्रेरणा से जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, महिला सशक्तिकरण, गौ-संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि भव्य राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण,काशी विश्वनाथ कॉरिडोर,महाकाल लोक निर्माण जैसी पहलें हमारी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ यमुनातीर्थ स्थल का पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर,शारदा कॉरिडोर निर्माण, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना को संरक्षित रखने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए पूर्णत: संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि—धर्मांतरण विरोधी कानून एवं सख्त दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं।
लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। लैंड जिहाद पर 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है। युवाओं के हित में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे। ‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है।
उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु सतत प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड निश्चित ही एक आदर्श एवं अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी ने कहा कि सौभाग्य का दिन है कि आज जीवन दीप आश्रम द्वारा पंच दिवसीय महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसमें हमें भी आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि जीवन दीप आश्रम सनातन धर्म का पालन करते हुए समाज की भलाई के लिए काम कर रहा है और आज इस पांच दिन के उत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया जा रहा है और 06 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने सभी कन्याओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका जीवन सुखी, समृद्ध और मंगलमय हो और वे खुशहाल जीवन जिएं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रतीक स्वरूप 11 कन्याओं का पूजन किया तथा उन्हें उपहार एवं दक्षिणा भेंट की तथा मुख्यमंत्री ने 06 कन्याओं के सामूहिक विवाह पर उनको शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद जीवन को कमाना की।
इस अवसर पर जून अखाड़े के महामंडलेश्वर यतिद्रनंद गिरी महाराज ने भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र वासियों का कार्यक्रम में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष/सचिव निरंजनी अखाड़ा श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी, राष्ट्रीय मंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी मैत्रेयी गिरी, कोठारी महंत बड़ा उदासीन अखाड़ा श्रीमहंत राघवेंद्र दास, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद सरस्वती, (नंगली दरबार) महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद,प्रदेश प्रवक्ता (भारत साधु समाज)महंत स्वामी अमृतानंद, महेंद्र स्वामी सत्यव्रता नंद सरस्वती,स्वामी विनोद महाराज,स्वामी प्रकाशा नंद महाराज,राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल,विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी,जिला महामंत्री रुड़की अक्षय प्रताप सिंह,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक ,महामंत्री सागर गोयल,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से साधु संत, जनप्रतिनिधि,कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

















