आज के समय में डिजिटल टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। मोबाइल, इंटरनेट और खासकर व्हाट्सऐप ने हमारे काम को जितना आसान बनाया है, उतना ही इसके गलत इस्तेमाल के मामले भी बढ़ गए हैं। पहले लोग बातचीत के लिए फोन या मैसेज का सहारा लेते थे, लेकिन अब ज्यादातर बातचीत व्हाट्सऐप पर ही होती है। इसमें चैट, फोटो, वीडियो, ऑडियो कॉल और वीडियो कॉल की सुविधा आसानी से मिल जाती है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर कुछ लोग गलत काम करने लगे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां व्हाट्सऐप पर लोगों को ब्लैकमेल किया गया। किसी को डराना, बदनाम करने की धमकी देना, फर्जी फोटो-वीडियो दिखाना या पैसे मांगना- ये सब ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का हिस्सा हैं। ऐसी स्थिति किसी को भी घबरा सकती है, लेकिन सबसे जरूरी है कि आप शांत रहें और समझदारी से कदम उठाएं।
ब्लैकमेलिंग से डरें नहीं, ये कदम उठाएं- ब्लैकमेलिंग का मकसद ही यही होता है कि सामने वाले को डराया जाए ताकि वह ब्लैकमेलर की बात मान ले। इसलिए खुद को संभालें और घबराकर कोई गलत निर्णय न लें। शांत दिमाग से सोचेंगे, तो सही कदम उठा पाएंगे। अगर ब्लैकमेलर आपको किसी फोटो, वीडियो या मैसेज के जरिए धमकी दे रहा है, तो उन सभी चीजों को सेव कर लें। ऑडियो या वीडियो क्लिप, ब्लैकमेलर का नंबर, कॉल लॉग। ये सब आगे शिकायत दर्ज कराने में आपके बहुत काम आएंगे। सबूत किसी सुरक्षित फोल्डर में रखें या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को भी भेज दें ताकि खोने का डर न रहे। ब्लैकमेलर की सबसे बड़ी ताकत आपका डर होता है। अगर वह कुछ करने को कह रहा है, पैसे मांग रहा है या धमकी दे रहा है, तो उसकी एक भी बात न मानें। अगर आप एक बार उसकी बात मान लेते हैं, तो वह बार-बार आपको परेशान करेगा। जिस नंबर से आपको ब्लैकमेल किया जा रहा है, उसे तुरंत ब्लॉक कर दें। व्हाट्सऐप की सेटिंग में जाकर ‘Report and Block’ भी कर सकते हैं। इससे उस व्यक्ति की चैट व्हाट्सऐप टीम तक पहुंच जाती है। भारत में साइबर क्राइम से जुड़े मामलों के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 चलाई जाती है। इस नंबर पर फोन करके आप घटना की पूरी जानकारी दे सकते हैं। अधिकारी आपको आगे क्या करना है, इस बारे में निर्देश देते हैं। इसके अलावा आप अपने शहर की साइबर सेल में ऑनलाइन या ऑफलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ये टीमें रोजाना ऐसे मामलों को संभालती हैं और आपकी पहचान को गोपनीय रखती हैं।
ब्लैकमेलिंग के मामलों में अक्सर लोग डर के कारण किसी को नहीं बताते। लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है। ऐसी स्थिति में अपने किसी भरोसेमंद दोस्त, भाई-बहन या परिवार के सदस्य को जरूर बताएं। कई बार दूसरा व्यक्ति स्थिति को बेहतर समझ पाता है और सही सलाह दे पाता है। साथ ही आपको मानसिक सहारा भी मिलता है। आपके फोन की सुरक्षा जितनी मजबूत होगी, उतना ही कम खतरा रहेगा। स्क्रीन लॉक या पासकोड रखें। थर्ड पार्टी ऐप इंस्टॉल न करें। गैलरी और व्हाट्सऐप बैकअप को सुरक्षित रखें। टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करें। इससे आपके डेटा का गलत इस्तेमाल रुक सकता है। ब्लैकमेलिंग के समय लोग अकेले में घबरा जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं। याद रखें- धमकी चाहे कितनी भी बड़ी हो, समाधान हमेशा सुरक्षित तरीके से ही निकलता है। इसलिए अकेले रहने के बजाय भरोसेमंद लोगों से बात करें और साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।















