भारत में आज भी बहुत बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कई परिवारों को दो समय की रोटी तक आसानी से नसीब नहीं होती। ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) बनाया है, जिसके तहत गरीब परिवारों को फ्री राशन या बहुत कम कीमत पर राशन दिया जाता है। इस योजना का लाभ वही लोग ले सकते हैं जिनके पास वैध राशन कार्ड हो।
लेकिन हाल ही में कई राज्यों में यह पता चला कि राशन कार्ड की सूची में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो आमदनी के हिसाब से इस योजना के पात्र नहीं हैं। कई जगह जांच में सामने आया कि मृतक व्यक्तियों के नाम पर भी सालों से राशन लिया जा रहा था, जबकि कुछ परिवार ऐसे थे जिन्होंने कई महीनों से राशन उठाया ही नहीं। इसके अलावा बहुत से लोग केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए गलत तरीके से राशन कार्ड बनवा लेते थे। इन्हीं सब अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने पूरे देश में राशन कार्ड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि मुफ्त राशन का लाभ वही लोग उठाएं जिन्हें इसकी वास्तव में जरूरत है।
सरकार ने हटाए 2.25 करोड़ नाम- बीते कुछ महीनों में सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से करीब 2.25 करोड़ अपात्र नाम हटाए हैं। यह कदम उन सभी लोगों के खिलाफ उठाया गया है जो योजना की पात्रता पूरी नहीं कर रहे थे लेकिन फिर भी सालों से फ्री राशन ले रहे थे। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि योजना का फायदा सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना बेहद जरूरी है। इसलिए हर राज्य में रिकॉर्ड की दोबारा जांच की जा रही है और फर्जी या निष्क्रिय कार्डों को लगातार हटाया जा रहा है।
क्यों हटाए जाते हैं नाम- पात्रता के नियम पूरे नहीं होना, मृतक व्यक्ति का नाम सूची में बने रहना, कई महीनों से राशन नहीं उठाना, गलत दस्तावेजों के आधार पर राशन कार्ड बनवाना, एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों द्वारा डुप्लीकेट कार्ड बनवाना, परिवार की आय बढ़ जाने के बाद भी फ्री राशन लेना, सरकार का कहना है कि अगर अपात्र लोग सिस्टम में बने रहेंगे, तो असली जरूरतमंद लोगों तक पूरा लाभ नहीं पहुंच पाएगा। इसी वजह से अब हर राज्य में बड़े पैमाने पर जांच की जा रही है।
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e-KYC कराना क्यों जरूरी है- फर्जीवाड़ा रोकने और सही लाभार्थी की पहचान तय करने के लिए सरकार ने e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जिन राशन कार्डों की e-KYC अपडेट नहीं होगी, उन्हें सबसे पहले डीएक्टिवेट किया जा सकता है। इसलिए हर परिवार के लिए जरूरी है कि वे समय पर e-KYC करा लें। e-KYC में आपका आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाता है ताकि कार्ड की वास्तविकता स्पष्ट हो सके। अगर आपको लगता है कि कहीं आपका नाम भी राशन कार्ड की लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे ऑनलाइन बहुत आसानी से चेक किया जा सकता है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें-
nfsa.gov.in वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर “Ration Card” सेक्शन चुनें। अब “Ration Card Details On State Portals” पर क्लिक करें। इसके बाद अपने राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत का चयन करें। अब अपनी राशन दुकान (FPS) और राशन कार्ड प्रकार चुनें। स्क्रीन पर लाभार्थियों की पूरी लिस्ट खुल जाएगी। अगर इस लिस्ट में आपका नाम मौजूद है तो आपका राशन कार्ड एक्टिव है। अगर नाम नहीं दिखाई देता, तो संभव है कि आपका कार्ड हटाया जा चुका हो या सस्पेंड किया गया हो। एसी स्थिति में आप अपने नजदीकी राशन दुकान या जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय जाकर अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज दिखाकर कार्ड को फिर से एक्टिव करवा सकते हैं (यदि आप पात्र हैं)।

















